डेहरी ओन सोन रोहतास/Etv News 24
डेहरी के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गणितज्ञ एवं वैज्ञानिक डॉ. प्रियरंजन की स्मृति में शनिवार को महिला कॉलेज, डालमियानगर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। डॉ. प्रियरंजन स्मृति समिति की ओर से आयोजित सभा में उनके परिजनों के अलावा शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और छात्राओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान डॉ. प्रियरंजन की शैक्षणिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए डेहरी में एक शैक्षणिक पीठ स्थापित करने की दिशा में प्रयास करने का संकल्प लिया गया।
पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं पर्यावरणविद डॉ. गोपाल कृष्ण ने डॉ. प्रियरंजन को दार्शनिक गणितज्ञ बताते हुए कहा कि वे अरेखीय गतिकी (नॉन-लीनियर डायनामिक्स) के विशेषज्ञ और कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर थे। वे गणितीय दर्शन के माध्यम से छोटे बदलावों से उत्पन्न होने वाले अप्रत्याशित परिणामों को समझने में विश्वास करते थे। उन्होंने विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरूकता और सतर्कता के लिए तकनीक आधारित एप भी विकसित किए थे। उनका मानना था कि तकनीक का उपयोग सामाजिक बदलाव और समाजवाद को मजबूत बनाने में किया जा सकता है।
कॉमर्स की छात्रा एवं डॉ. प्रियरंजन की भतीजी रश्मि ने कहा कि उनकी विरासत परिवार की ताकत है, लेकिन उनके असमय निधन से परिवार की चुनौतियां बढ़ गई हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक ने कहा कि डॉ. प्रियरंजन के वैश्विक अकादमिक योगदान को याद करना सभ्य समाज की जिम्मेदारी है। वहीं, प्रो. दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश-दुनिया के शिक्षाविदों के सहयोग से डेहरी के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. संदीप पांडेय के नेतृत्व में उनकी शैक्षणिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए एक पीठ की स्थापना की पहल की जाएगी।
एनएपीएम की ओर से सामाजिक कार्यकर्ता उदयन ने बिहार में शिक्षा की स्थिति पर चिंता जताते हुए डॉ. प्रियरंजन के योगदान को रेखांकित किया। पटना से आए लेखक-पत्रकार पुष्पराज ने कहा कि स्मृति सभा का उद्देश्य डॉ. प्रियरंजन के अकादमिक योगदान और उनके अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संपर्कों को डेहरी के युवाओं से जोड़ना है।
सभा में नेतरहाट ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन के बिहार प्रमुख कर्नल बी.बी. सिंह और आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्रों की ओर से आशीष रंजन का शोक संदेश साझा किया गया। कर्नल बी.बी. सिंह के संदेश में कहा गया कि “नेतरहाट वाले प्रियरंजन को दूसरा वशिष्ठ नारायण सिंह मानते हैं।” महापंडित राहुल सांकृत्यायन की पुत्री जया सांकृत्यायन सहित देश-विदेश के कई शिक्षाविदों के शोक संदेश भी पढ़े गए।
डॉ. प्रियरंजन स्मृति समिति के संयोजक संतोष उपाध्याय ने सभा का संचालन करते हुए उनकी विरासत को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। मौके पर अधिवक्ता श्रीमन नारायण, बैरिस्टर सिंह, प्रो. हरेंद्र, उपेंद्र मिश्र, अपूर्व रंजन, जितेंद्र गुप्ता, रामनाथ राम सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद और बुद्धिजीवी उपस्थित थे।




