फैजुल्लागंज के बाद पॉश इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा, प्रशासन की तैयारियों पर सवाल
जलभराव से राजधानी की रफ्तार पर ब्रेक, LDA ने पोकलैंड-जेसीबी उतारी
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
लखनऊ राजधानी 9 अक्टूबर 2026 गोमती नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने अब राजधानी के उन इलाकों की भी चिंता बढ़ा दी है, जिन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित और विकसित क्षेत्र माना जाता है। इकाना स्टेडियम और फीनिक्स पलासियो मॉल के आसपास की सर्विस लेन में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है। बुधवार को इकाना से पलासियो की ओर जाने वाले मार्ग पर पानी बढ़ने की सूचना के बाद यातायात पुलिस को भी सतर्कता बरतनी पड़ी।
गोमती में बढ़ते पानी का असर पहले फैजुल्लागंज और दूसरे निचले इलाकों में दिखाई दिया था। अब पानी के पॉश और महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंचने से शहर की जलनिकासी व्यवस्था और बाढ़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, एलडीए और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का दावा किया जा रहा है। एलडीए की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मशीनरी लगाकर पानी की निकासी और तटबंधों की निगरानी का काम कराया जा रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह स्थिति महत्वपूर्ण है।
राजधानी में जलभराव का दायरा निचले इलाकों से निकलकर इकाना-पलासियो जैसे प्रमुख क्षेत्रों तक पहुंचने के बाद विपक्षी दलों को सरकार और नगर प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल उठाने का मौका मिल सकता है। वहीं, प्रशासन के सामने तत्काल राहत के साथ दीर्घकालिक जलनिकासी और बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती है। एलडीए पहले ही बाढ़ से निपटने के लिए नए फ्लड पंपिंग स्टेशनों की योजना पर काम कर रहा है।
फिलहाल पोकलैंड और जेसीबी जैसी भारी मशीनों को मौके पर लगाकर हालात नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन की चुनौती भी बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले घंटों में जलनिकासी व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों में राहत कार्य की प्रभावशीलता पर सबकी नजर रहेगी।




