‘नवंबर तक होंगे कई कार्यक्रम
संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च के बाद जिलों औब्लाकों में उतरेगा विपक्ष,1 नवंबर को दिल्ली में महारैली वोटर सूची के मुद्दे पर INDIA गठबंधन की लामबंदी
25-26 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ का एलान
नई दिल्ली/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
नई दिल्ली। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत चरणबद्ध राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा घोषित की है। अभियान की शुरुआत छह अक्टूबर को संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च से हुई। विपक्षी दलों का यह आंदोलन अक्टूबर से नवंबर तक जिला, ब्लाक, गांव और राज्य स्तर तक ले जाने की तैयारी है।
कार्यक्रम के मुताबिक आठ अक्टूबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद 10 से 20 अक्टूबर तक ब्लाक स्तर पर बाइक रैली, साइकिल रैली और पदयात्रा आयोजित करने की योजना है। कांग्रेस का कहना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए मतदाता सूची से जुड़े उसके उठाए जा रहे सवालों को स्थानीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
इसके अगले चरण में 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राज्य और जिला स्तर पर रैलियां तथा गांवों में चौपालें आयोजित करने की योजना है। कांग्रेस के मुताबिक इस दौरान बूथ स्तर पर मतदाता सूचियों की पड़ताल और मतदाताओं से संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा।
आंदोलन का बड़ा पड़ाव एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की महारैली होगी। इसके बाद 25 और 26 नवंबर को छह राज्यों से ‘दिल्ली चलो’ यात्रा निकालकर राजधानी में महाप्रदर्शन प्रस्तावित है। इस तरह विपक्ष ने स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय राजधानी तक लगातार राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति तैयार की है।
राजनीतिक रूप से यह अभियान कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के लिए चुनावी प्रक्रिया तथा मतदाता सूची के मुद्दे को व्यापक जनचर्चा में बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोपों पर चुनाव आयोग और सत्तापक्ष की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में आने वाले हफ्तों में यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस का प्रमुख आधार बना रह सकता है।




