नियमावली में बदलाव से प्रभावित छात्रों को एक मौका देने और गिरफ्तार अभ्यर्थियों की रिहाई की उठाई मांग
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
रोजगार अधिकार अभियान की राष्ट्रीय संचालन समिति के सदस्य इंजीनियर आरबी पटेल ने टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन की ओर से गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने और गिरफ्तार अभ्यर्थियों को रिहा करने की मांग की है।
प्रेस बयान में आरबी पटेल ने कहा कि अचानक लागू की गई नियमावली-2025 के कारण टीजीटी-पीजीटी की लंबे समय से तैयारी कर रहे लाखों बेरोजगार अभ्यर्थी आवेदन करने के अवसर से वंचित हो गए हैं। प्रभावित छात्रों को एक मौका देने की मांग को लेकर पिछले महीने आमरण अनशन किया गया था। उस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। शासन के निर्देशों के आधार पर संबंधित अधिकारियों ने भी प्रभावित अभ्यर्थियों को आवेदन का एक अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि आश्वासन के बावजूद मांग पूरी करने के बजाय शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और युवाओं के अधिकारों के विपरीत है। आरबी पटेल ने सरकार से मांग की कि नियमावली में अचानक किए गए बदलाव से प्रभावित सभी अभ्यर्थियों को टीजीटी-पीजीटी विज्ञापन-2026 में आवेदन का एक मौका दिया जाए। साथ ही छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर गिरफ्तार अभ्यर्थियों को तत्काल रिहा किया जाए।




