विपक्ष के नैरेटिव की काट में भाजपा ने बढ़ाई ताकत, जुगल किशोर पर दोबारा जताया भरोसा
लखीमपुर के जुगल किशोर फिर संभालेंगे भाजपा की आवाज, चुनावी जंग में अहम भूमिका
लखीमपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर। मिशन-2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपना मीडिया मोर्चा और मजबूत कर दिया है। प्रदेश भाजपा की नई मीडिया टीम में पूर्व राज्यसभा सांसद जुगल किशोर को एक बार फिर प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी नेतृत्व का यह फैसला ऐसे समय हुआ है, जब आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच मुद्दों और नैरेटिव की राजनीतिक लड़ाई तेज होने की उम्मीद है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी नई मीडिया टीम में प्रदेश प्रवक्ताओं की संख्या 16 से बढ़ाकर 31 की गई है। पार्टी ने इसके साथ ही 25 प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट तथा क्षेत्रीय स्तर पर मीडिया संयोजकों और सह-संयोजकों की भी नियुक्ति की है।
जुगल किशोर की वापसी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे संगठनात्मक और संसदीय अनुभव वाले जुगल किशोर अब चुनावी माहौल में भाजपा के पक्ष को मजबूती से रखने के साथ ही विपक्ष के आरोपों का जवाब देने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल होंगे। लखीमपुर-खीरी क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ और संगठन से लंबे जुड़ाव को देखते हुए उनकी भूमिका प्रदेश स्तर के साथ स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में भी महत्वपूर्ण रह सकती है।
विपक्ष के नैरेटिव की काट पर जोर
2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए केवल संगठनात्मक ताकत का नहीं, बल्कि राजनीतिक नैरेटिव की निर्णायक लड़ाई का भी चुनाव माना जा रहा है। सपा, कांग्रेस और बसपा समेत विपक्षी दल सरकार के कामकाज, सामाजिक समीकरणों और विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा को घेरने की तैयारी में हैं। ऐसे में भाजपा ने अपने मीडिया तंत्र का विस्तार कर साफ संकेत दिया है कि वह विपक्ष को मुद्दों पर जवाब देने के साथ-साथ इंटरनेट मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भी आक्रामक राजनीतिक मुकाबले के लिए तैयार है।
नई टीम में पुराने अनुभवी चेहरों के साथ नए नेताओं को भी जगह दी गई है। पार्टी की रणनीति में क्षेत्रीय स्तर पर मीडिया नेटवर्क को मजबूत करना भी शामिल है।
ऐसे में जुगल किशोर की पुनर्नियुक्ति को महज संगठनात्मक नियुक्ति के बजाय मिशन-2027 की व्यापक राजनीतिक तैयारी के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। चुनावी मैदान में जब मुद्दों के साथ-साथ धारणा की लड़ाई भी महत्वपूर्ण होगी, तब भाजपा के लिए अनुभवी प्रवक्ताओं की भूमिका विपक्ष के हमलों की काट और सरकार के पक्ष को जनता तक पहुंचाने में अहम होगी।




