विदेशी ताकतों से कथित संबंध, अमेरिकी व्यापार समझौते और अडानी-अमेरिका प्रकरण पर आमने-सामने चर्चा की मांग
नई दिल्ली/Etv News 24/संवाददाता वागीश
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसी भी मंच और समय का चयन कर लें, वह चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने मांग की कि यह बहस मीडिया और देश के युवाओं की मौजूदगी में आमने-सामने होनी चाहिए, ताकि देश के सामने सभी सवालों के जवाब स्पष्ट हो सकें।
राहुल गांधी ने विदेशी ताकतों से कथित संबंधों, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते, देश की वित्तीय व्यवस्था, अडानी मामले और एपस्टीन प्रकरण जैसे मुद्दों पर खुली चर्चा की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर देश के लोगों को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। प्रधानमंत्री को इन सवालों का जवाब सार्वजनिक मंच पर देना चाहिए।
45 मानहानि के मुकदमों का किया जिक्र
राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज मानहानि के मुकदमों का जिक्र करते हुए कहा कि उन पर करीब 45 मानहानि के मामले चल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके बयानों पर मानहानि के मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं, तो विदेशी संबंधों से जुड़े उनके आरोपों पर मुकदमा क्यों नहीं किया जा रहा है। राहुल ने कहा कि आरोपों और सवालों का जवाब कानूनी कार्रवाई के बजाय खुली बहस के जरिए दिया जाना चाहिए।
युवाओं और मीडिया के सामने हो आमने-सामने चर्चा
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से दो टूक कहा कि बहस के लिए स्थान और समय वह खुद तय कर लें। राहुल गांधी ने जोर दिया कि चर्चा ऐसी होनी चाहिए, जिसमें मीडिया के साथ देश के युवा भी मौजूद रहें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में गंभीर सवालों से बचने के बजाय उनका जवाब देना जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राहुल गांधी की इस खुली बहस की चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया आती है।




