बूथ पर रहें तैयार योगी शक्ति केंद्र संयोजकों को हर बूथ की समीक्षा
परिवारों की मैपिंग और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय करने का दिया निर्देश
सपा-बसपा-कांग्रेस पर परिवारवाद-जातिवाद का आरोप, बोले-व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा राष्ट्र
मेरठ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
उत्तर प्रदेश के जनपद मेरठ मिशन-2027 को लेकर भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को बूथ स्तर तक धार देने की कवायद तेज कर दी है। सोमवार को मेरठ के सुभारती विश्वविद्यालय के जनरल मोहन सिंह प्लेग्राउंड में आयोजित भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को संगठन की जमीनी मजबूती का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने की कोशिशें फिर होंगी। ऐसे में कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर पूरी तरह सक्रिय और तैयार रहना होगा। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने शक्ति केंद्र संयोजकों से प्रत्येक बूथ की गहन समीक्षा करने, प्रभावी टीम तैयार करने और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय करने को कहा। उन्होंने एक-एक परिवार की मैपिंग और बूथ स्तर पर मतदाताओं से संपर्क की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उनका संदेश साफ था कि चुनावी तैयारी केवल बड़े आयोजनों तक सीमित न रहे, बल्कि संगठन की सक्रियता प्रत्येक घर तक दिखाई दे।
महापुरुषों को जातियों में बांटने की कोशिश से आगाह
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को विभाजित करने वाली ताकतें महापुरुषों को भी जातीय दायरे में बांटने का प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक जाति के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के होते हैं। कोतवाल धन सिंह गुर्जर, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह जैसे राष्ट्रनायकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों की विरासत पूरे समाज की है। दुर्गा भाभी जैसी क्रांतिकारी महिलाओं के योगदान को भी किसी सीमित दायरे में नहीं बांधा जा सकता।
मुख्यमंत्री ने मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर के स्मारक का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों, मंदिरों और प्रतिमाओं के सौंदर्यीकरण के लिए सरकार काम कर रही है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर महापुरुषों के सम्मान को लेकर राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ तक
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ जैसी थी, जबकि अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन’ जैसी पहचान बन रही है।
मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ और मुजफ्फरनगर के गुड़ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बाजार और वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में कट्टा और बंदूक की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।
योगी ने दावा किया कि प्रदेश में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, जबकि परंपरागत उद्यमों के पुनर्जीवन से 3.25 करोड़ नौजवान रोजगार से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार से निवेश और रोजगार के नए अवसर खुले हैं।
नमो भारत, एक्सप्रेसवे और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का जिक्र
मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को भी अपने संबोधन का प्रमुख हिस्सा बनाया। उन्होंने एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ नमो भारत, मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रहे प्रदेश के पहले स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उल्लेख किया। फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी परियोजनाओं को भी उन्होंने प्रदेश के बदलते औद्योगिक परिदृश्य से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तैयार हो रहे औद्योगिक ढांचे से युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ रहे हैं।
राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम को बताया नई पहचान का प्रतीक
योगी ने कहा कि नया भारत अपनी विरासत पर गर्व कर रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम का नया स्वरूप, मथुरा-वृंदावन का विकास और शुकतीर्थ के पुनरुद्धार को उन्होंने सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां इस दौर को राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, एक्सप्रेसवे और नमो भारत जैसी उपलब्धियों के लिए याद करेंगी।
कांवड़ यात्रा और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़े आयोजनों को रोका नहीं जा सकता।
व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश
सपा, बसपा और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए योगी ने इन दलों पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति में व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर राष्ट्र है। कार्यकर्ता यह सोचने के बजाय कि उसे क्या मिला, इस भाव से काम करे कि वह देश और समाज के लिए क्या कर सकता है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को भाजपा संगठन की रीढ़ बताते हुए कहा कि शक्ति केंद्र संगठन की ताकत हैं। प्रत्येक बूथ पर संयोजक, प्रभारी और पन्ना प्रमुखों का शत-प्रतिशत गठन सुनिश्चित किया जाए। बूथ की टीम केवल कागज पर नहीं, बल्कि धरातल पर सक्रिय होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने प्रत्येक नागरिक को मताधिकार की ताकत दी है। इसलिए कार्यकर्ताओं को प्रत्येक परिवार से संपर्क और मतदाता स्तर पर संगठन की सक्रियता सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से काम करने का आह्वान किया।
सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. भोला सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, प्रदेश महामंत्री एवं पश्चिम क्षेत्र प्रभारी राम प्रताप सिंह, पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष नवाब सिंह नागर समेत पार्टी के राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्रीय पदाधिकारी तथा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक मौजूद रहे। कार्यक्रम को 2027 से पहले पश्चिमी यूपी में भाजपा के बूथ संगठन को सक्रिय करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।




