बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई बनी प्राथमिकता, विद्यालय संचालन पर अभिभावकों से संवाद
स्टाफ व मृतक के बेटे से अलग-अलग बातचीत, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठी मांग
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
सुलतानपुर जनपद के कादीपुर शिक्षक दंपती हत्याकांड के छठवें दिन शनिवार को जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह कुंभी डडिया गांव पहुंचे। करीब 45 मिनट तक गांव में रहकर उन्होंने मृतक प्रधानाचार्य मुकेश सिंह के स्वजन, विद्यालय के स्टाफ और छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से सीधे संवाद किया। डीएम ने पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाने के साथ ही बच्चों की सुरक्षा और उनकी पढ़ाई प्रभावित न होने देने पर भी जोर दिया।
शाम करीब 4:45 बजे गांव पहुंचे जिलाधिकारी ने सबसे पहले मृतक के भाई और बुजुर्ग स्वजन से मुलाकात की। उन्होंने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए परिवार की मौजूदा स्थिति और उनकी जरूरतों की जानकारी ली। डीएम ने कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा और उनकी समस्याओं का यथासंभव समाधान कराया जाएगा।
अभिभावकों ने उठाई सुरक्षा की चिंता
इसके बाद जिलाधिकारी विद्यालय पहुंचे। वहां छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से बातचीत के दौरान घटना के बाद बच्चों में पैदा हुए भय और विद्यालय के संचालन को लेकर उनकी चिंताओं को सुना। अभिभावकों ने विद्यालय को जल्द शुरू कराने के साथ परिसर और आसपास बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग रखी।
विशेष रूप से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने को लेकर अभिभावकों ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि घटना के बाद बच्चों में भय का माहौल है, ऐसे में विद्यालय का सुरक्षित वातावरण में संचालन जरूरी है। जिलाधिकारी ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और आवश्यक सहयोग का भरोसा दिया।
महिला-पुरुष स्टाफ से अलग-अलग संवाद
डीएम ने विद्यालय के महिला और पुरुष कर्मचारियों से अलग-अलग बातचीत की। उन्होंने घटना के बाद विद्यालय की स्थिति, कर्मचारियों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं और विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मृतक प्रधानाचार्य के बेटे से भी एकांत में बातचीत कर परिवार की स्थिति और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
विद्यालय से जुड़े लोगों और अभिभावकों ने हत्याकांड की जांच निष्पक्ष एवं प्रभावी तरीके से कराने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि घटना की सच्चाई सामने आने के साथ ही बच्चों और विद्यालय स्टाफ में सुरक्षा का भरोसा कायम होना जरूरी है।
जांच के बीच प्रशासन ने बढ़ाया सीधा संवाद
शिक्षक दंपती हत्याकांड की पुलिस जांच जारी है। घटना के बाद गांव में बनी संवेदनशील स्थिति के बीच जिलाधिकारी का सीधे पीड़ित परिवार और विद्यालय से जुड़े लोगों के बीच पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता पीड़ित परिवार को सहयोग देने के साथ विद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों और स्टाफ में सुरक्षा का भरोसा कायम करना है।
डीएम ने करीब 45 मिनट के प्रवास के दौरान अलग-अलग पक्षों की बात सुनी। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन अब घटना के कानूनी पहलू के साथ-साथ पीड़ित परिवार की जरूरतों और बच्चों की शिक्षा पर पड़े असर को भी गंभीरता से ले रहा है।




