नाली-चकरोड निर्माण, जल जीवन मिशन, गौआश्रय स्थल और विद्यालय भवनों से जुड़े मुद्दे उठे
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को पं. रामनरेश त्रिपाठी सभागार में जिले के ग्राम प्रधानों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की मौजूदगी में प्रधानों ने गांवों में विकास कार्यों के संचालन और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा।
ग्राम प्रधानों ने नाली और चकरोड निर्माण,
उपजिलाधिकारी व पुलिस स्तर से अपेक्षित सहयोग, जल जीवन मिशन के तहत घरों में टोंटी से जुड़ी समस्याओं समेत विभिन्न स्थानीय मुद्दे उठाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामों के विकास में ग्राम प्रधानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसी भी स्तर पर समस्या आने पर प्रधान सीधे उन्हें अवगत करा सकते हैं।
सोलर पैनल से आत्मनिर्भर बनेंगी ग्राम पंचायतें

डीएम ने ग्राम पंचायतों में सोलर पैनल स्थापित कराने के लिए प्रधानों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इससे ग्राम पंचायतें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। जिला योजना से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने नाली व चकरोड निर्माण में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विकासखंड स्तर पर होने वाली बैठकों में वह स्वयं शामिल होंगे और प्रधानों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान की कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे। जल जीवन मिशन की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि पेयजल से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी निराकरण कराया जा सके।
गौआश्रय और विद्यालय भवनों का मुद्दा भी उठा
जयसिंहपुर के ग्राम प्रधान ने गौआश्रय स्थलों से संबंधित समस्याएं रखीं, जिस पर डीएम ने आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। मलिकपुर बखरा के प्रधान ने विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण और निर्माण कार्य में धीमी प्रगति का मुद्दा उठाया। डीएम ने कहा कि बरसात से पूर्व जिन विद्यालय भवनों का ध्वस्तीकरण कराया गया है, वहां शेष भवनों के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई करते हुए निर्माण एवं व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाएगा।
डीएम ने कहा कि वह ग्राम चौपालों में भी स्वयं प्रतिभाग करेंगे, ताकि ग्रामीणों और प्रधानों से सीधे संवाद कर स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली जा सके। उन्होंने प्रधानों से कहा कि आधारभूत सुविधाओं या अन्य समस्याओं के समाधान के लिए वे जनता दर्शन में सीधे उनसे मिल सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा अनावश्यक परेशान किए जाने की शिकायत भी तत्काल करने को कहा।
इस दौरान सीएम डैशबोर्ड पर जिले को प्रदेश में तीसरी रैंक मिलने पर डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी के प्रयासों की सराहना की। सीडीओ ने प्रधानों से दो अक्टूबर को होने वाले स्वच्छता अभियान और वीबीजी रामजी योजना से संबंधित कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आयोजित कराने की अपेक्षा की। डीसी मनरेगा, डीसी एनआरएलएम और डीपीआरओ ने भी प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी दी।




