बांस उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की तैयारी
केशव मौर्य बांसकारों को खेती के लिए पट्टे पर जमीन देने की उठी मांग
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
बांस शिल्प को बढ़ावा देने और बांसकार समाज की आजीविका को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार बांस शिल्प कला बोर्ड के गठन पर विचार करेगी। यह बात उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को विश्वैसरैया सभागार में आयोजित बांसकार महासम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि सरकार बांस उत्पादों के विकास के लिए गंभीर है। बांस शिल्प को प्रोत्साहित कर इसके उत्पादों को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवाओं में आरक्षण व्यवस्था के तहत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों के लिए प्रावधान हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में आरक्षण का हनन नहीं होने दिया जाएगा।
मौर्य ने अयोध्या राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान शहीद हुए राजेंद्र धरकार के स्वजन को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन में समाज के हर वर्ग की भागीदारी रही। राजेंद्र धरकार की शहादत व्यर्थ नहीं गई और अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना।
बांसकारों के लिए खेती की जमीन आवंटित करने की मांग
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारतीय परंपरा में बांस का विशेष महत्व है। विवाह, गृह प्रवेश, मंडप निर्माण और पूजा-पाठ सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में बांस का उपयोग होता है। उन्होंने कहा कि बांस जन्म से लेकर मृत्यु तक जीवन का हिस्सा रहा है। सरकार बांस की खेती को बढ़ावा देने के साथ बांसकारों के विकास के लिए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।
सम्मेलन के संयोजक एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि बांस शिल्प कला आदि काल से चली आ रही है, लेकिन बांस की उपलब्धता कम होने से यह परंपरागत कला संकट में है। उन्होंने बांसकारों को बांस की खेती के लिए पट्टे पर जमीन उपलब्ध कराने की मांग रखी। साथ ही बांसकारों के वंशज महाराजा वेणु की प्रतिमा स्थापित करने और बांस शिल्प कला बोर्ड गठित करने का प्रस्ताव रखा।
धरकार, बांसफोड़ और बसोर समाज के लिए आवास में प्राथमिकता का प्रस्ताव
महासम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर धरकार, बांसफोड़ और बसोर समाज के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में आवास आवंटन में प्राथमिकता दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ग्रामीण विकास मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के प्रति आभार जताया गया। सम्मेलन में इन वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए संचालित सरकारी व्यवस्था की भी सराहना की गई।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री द्वय को बांसकार समाज की ओर से बांस से निर्मित टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया और बांस के उत्पाद भेंट किए गए। सम्मेलन को असम राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ बांसफोर, बांस शिल्प कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक घनश्याम पुरोनिया, आंबेडकर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद कुमार सरोज तथा महामंत्री अमरनाथ प्रजापति ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में परदेशी वर्मा, घनश्याम बेनकर, ब्रह्मानंद धारिया, हनुमान प्रसाद, बाबूलाल धरकार, प्रदीप बसोर, राममूर्ति बांसफोड़ और पुष्पराज वर्मा (विपिन) सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अध्यक्षता डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने की और संचालन बाबूलाल धरकार ने किया।




