दीपक हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे सुमन, गांव में जाने से पुलिस ने रोका
सीओ से बोले सपा सांसद- “क्या करोगे तुम, लिमिट में रहो”
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
उत्तर प्रदेश के हापुड़ के बदनौली गांव में दलित युवक दीपक की मौत के मामले को लेकर हापुड़ में सियासी हलचल तेज हो गई। पीड़ित परिवार से मिलने और समाजवादी पार्टी की ओर से आर्थिक सहायता देने पहुंचे सपा के राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन को पुलिस ने गांव के बाहर रोक दिया। इस दौरान सांसद और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
पुलिस ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए सांसद को आगे जाने से रोका। इस पर सुमन नाराज हो गए। सामने आए वीडियो में वह पुलिस अधिकारी से तीखे अंदाज में बातचीत करते नजर आ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने अधिकारी से कहा, “क्या करोगे तुम, लिमिट में रहो।” पुलिस की ओर से सांसद को सम्मान देने की बात कहते हुए उन्हें समझाने का प्रयास किया गया।
परिजनों को दी दो लाख रुपये की मदद पुलिस द्वारा गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद मृतक के परिजनों को गांव के बाहर बुलाया गया। सुमन ने दीपक के पिता बच्चू सिंह को समाजवादी पार्टी की ओर से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने कहा कि यह सरकारी धन नहीं बल्कि पार्टी की ओर से जुटाई गई सहायता है।
दीपक की मौत के बाद बदनौली में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है। चार सितंबर को दो पक्षों के बीच विवाद, पथराव और फायरिंग में दीपक समेत कई लोग घायल हुए थे। उपचार के दौरान दीपक की मौत हो गई थी। इसके बाद से पुलिस गांव में राजनीतिक दलों के नेताओं के आवागमन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।
सियासी संदेश साफ: दीपक प्रकरण अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है। सपा इसे दलित सुरक्षा और सरकार की कानून-व्यवस्था से जोड़कर उठा रही है, जबकि पुलिस की ओर से गांव में तनाव और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दिया जा रहा है। सांसद और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक ने इस मामले को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।




