शान ओ शौकत से निकला जुलूस-ए-गौसिय
बड़ी संख्या में अकीदतमंद हुए शामिल
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
लखनऊ। ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन के तत्वावधान में गुरुवार को दरगाह हजरत मखदूम शाह मीना शाह कुतुब-ए-अवध में ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर जश्न-ए-गौसुलवरा और जुलूस-ए-गौसिया का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मुफ्ती अबुल इरफान मियां फिरंगी महली की सरपरस्ती, डॉ. सैय्यद इकबाल हाशमी की अध्यक्षता तथा शेख एजाज अली मीनाई सज्जादानशीन और मौलाना अफ्फान अतीक फिरंगी महली की निगरानी में हुआ।
मछली मोहाल, सदर, निशातगंज, खदरा, फैजुल्लागंज, बांसमंडी, आगा मीर ड्योढ़ी और जनता नगरी समेत विभिन्न क्षेत्रों से अंजुमनों ने झंडे-बैनर के साथ जुलूस में हिस्सा लिया। दोपहर करीब 1:30 बजे दरगाह मखदूम शाह मीना शाह से जुलूस-ए-गौसिया रवाना हुआ। इसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। झंडे, बैनर, झांकियों और बग्घियों के साथ जुलूस में गौस-ए-आजम की शान में नारे और तराने गूंजते रहे।
जुलूस करीब 2:30 बजे दरगाह हाजी उल हरमैन मेडिकल कॉलेज पहुंचा, जहां जश्न-ए-गौसुलवरा की शुरुआत हाफिज शकील निजामी की कुरानख्वानी से हुई। मुनीर रजा कादरी और सैय्यद तारिक हाशमी ने नात और मनकबत पेश की। कार्यक्रम के समापन पर मुफ्ती इरफान मियां फिरंगी महली ने मुल्क व मिल्लत की तरक्की, सुरक्षा, आपसी भाईचारे और अमन-चैन के लिए विशेष दुआ कराई।
मुफ्ती अबुल इरफान मियां फिरंगी महली ने कहा कि शेख अब्दुल कादिर जीलानी की शिक्षाओं ने लोगों के दिलों में रूहानी रोशनी पैदा की। उन्होंने कहा कि जब समाज में गुमराही और दुनियावी गफलत बढ़ रही थी, तब गौस-ए-आजम ने लोगों को सही राह की ओर बुलाया। उनकी शिक्षाओं से लोगों में पैदा हो रही बुराइयों को दूर करने और नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिली।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सैय्यद इकबाल हाशमी ने कहा कि गौस-ए-आजम की बारगाह में सच्चा नजराना उनकी शिक्षाओं को अपने आचरण में उतारना है। उन्होंने लोगों से अपनी नीयत दुरुस्त करने, सुन्नतों को अपनाने और नेक आचरण के साथ जीवन बिताने की अपील की।
अपने विशेष संबोधन में डॉ. हाशमी ने कहा कि इंसान को झूठ, फरेब, चुगलखोरी, बेहयाई, शराबखोरी और हरामखोरी जैसी बुराइयों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुद नेक बनने के साथ दूसरों को भी अच्छाई की राह दिखाना चाहिए।
मोहम्मदी मिशन के सचिव तारिक हाशमी ने जुलूस के आयोजन में सहयोग के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया। यूथ अध्यक्ष फैजान फिरंगी महली ने अंजुमनों और मेहमानों का स्वागत किया। शेख शाकिर अली मीनाई उर्फ बाबू मियां की ओर से आम लंगर का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में शेख शाकिर अली मीनाई, डॉ. आफताब हाशमी, मौलाना अफ्फान अतीक फिरंगी महली, नासिर अली मीनाई, फाकिर अली मीनाई, सलीम आजाद मक्की, मोहम्मद मुबीन, मोहम्मद जामी, मोहम्मद हलीम, मोहम्मद नईम, मोहम्मद फहीम, राशिद अली, मोहम्मद फैसल, मुशाहिद शमशाद, मोहम्मद दिलशाद, मोहम्मद ताजबारी, कारी सिब्तैन, तबरेज आलम, मोहम्मद नायाब अत्तारी और मोहम्मद सईद समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
*गौंस-ए-आजम ने मुर्दा दिलों में रूहानी जान डाल दी मुफ्ती इरफान फिरंगी महली**शान ओ शौकत से निकला जुलूस-ए-गौसिय* *बड़ी संख्या में अकीदतमंद हुए शामिल**संवाददाता वागीश कुमार*लखनऊ। ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन के तत्वावधान में गुरुवार को दरगाह हजरत मखदूम शाह मीना शाह कुतुब-ए-अवध में ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर जश्न-ए-गौसुलवरा और जुलूस-ए-गौसिया का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मुफ्ती अबुल इरफान मियां फिरंगी महली की सरपरस्ती, डॉ. सैय्यद इकबाल हाशमी की अध्यक्षता तथा शेख एजाज अली मीनाई सज्जादानशीन और मौलाना अफ्फान अतीक फिरंगी महली की निगरानी में हुआ।मछली मोहाल, सदर, निशातगंज, खदरा, फैजुल्लागंज, बांसमंडी, आगा मीर ड्योढ़ी और जनता नगरी समेत विभिन्न क्षेत्रों से अंजुमनों ने झंडे-बैनर के साथ जुलूस में हिस्सा लिया। दोपहर करीब 1:30 बजे दरगाह मखदूम शाह मीना शाह से जुलूस-ए-गौसिया रवाना हुआ। इसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। झंडे, बैनर, झांकियों और बग्घियों के साथ जुलूस में गौस-ए-आजम की शान में नारे और तराने गूंजते रहे।जुलूस करीब 2:30 बजे दरगाह हाजी उल हरमैन मेडिकल कॉलेज पहुंचा, जहां जश्न-ए-गौसुलवरा की शुरुआत हाफिज शकील निजामी की कुरानख्वानी से हुई। मुनीर रजा कादरी और सैय्यद तारिक हाशमी ने नात और मनकबत पेश की। कार्यक्रम के समापन पर मुफ्ती इरफान मियां फिरंगी महली ने मुल्क व मिल्लत की तरक्की, सुरक्षा, आपसी भाईचारे और अमन-चैन के लिए विशेष दुआ कराई।मुफ्ती अबुल इरफान मियां फिरंगी महली ने कहा कि शेख अब्दुल कादिर जीलानी की शिक्षाओं ने लोगों के दिलों में रूहानी रोशनी पैदा की। उन्होंने कहा कि जब समाज में गुमराही और दुनियावी गफलत बढ़ रही थी, तब गौस-ए-आजम ने लोगों को सही राह की ओर बुलाया। उनकी शिक्षाओं से लोगों में पैदा हो रही बुराइयों को दूर करने और नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिली।अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सैय्यद इकबाल हाशमी ने कहा कि गौस-ए-आजम की बारगाह में सच्चा नजराना उनकी शिक्षाओं को अपने आचरण में उतारना है। उन्होंने लोगों से अपनी नीयत दुरुस्त करने, सुन्नतों को अपनाने और नेक आचरण के साथ जीवन बिताने की अपील की।अपने विशेष संबोधन में डॉ. हाशमी ने कहा कि इंसान को झूठ, फरेब, चुगलखोरी, बेहयाई, शराबखोरी और हरामखोरी जैसी बुराइयों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुद नेक बनने के साथ दूसरों को भी अच्छाई की राह दिखाना चाहिए।मोहम्मदी मिशन के सचिव तारिक हाशमी ने जुलूस के आयोजन में सहयोग के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया। यूथ अध्यक्ष फैजान फिरंगी महली ने अंजुमनों और मेहमानों का स्वागत किया। शेख शाकिर अली मीनाई उर्फ बाबू मियां की ओर से आम लंगर का भी आयोजन किया गया।कार्यक्रम में शेख शाकिर अली मीनाई, डॉ. आफताब हाशमी, मौलाना अफ्फान अतीक फिरंगी महली, नासिर अली मीनाई, फाकिर अली मीनाई, सलीम आजाद मक्की, मोहम्मद मुबीन, मोहम्मद जामी, मोहम्मद हलीम, मोहम्मद नईम, मोहम्मद फहीम, राशिद अली, मोहम्मद फैसल, मुशाहिद शमशाद, मोहम्मद दिलशाद, मोहम्मद ताजबारी, कारी सिब्तैन, तबरेज आलम, मोहम्मद नायाब अत्तारी और मोहम्मद सईद समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।




