छह माह में एक लाख से अधिक नियुक्तियों का एलान सीएम योगी बोले
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का परिणाम, अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
भर्ती बोर्ड और आयोग राजनीति का शिकार न हों, 2017 से पहले की व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ मिशन रोजगार के तहत प्रदेश के युवाओं को सरकारी सेवा में नियुक्ति का सिलसिला जारी है। शनिवार को लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने स्वयं 21 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि अन्य 797 अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के माध्यम से नियुक्ति पत्र दिए गए। नियुक्तियां चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, आयुष, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता तथा उद्योग विभाग में की गई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के परिणाम अब सामने हैं। प्रदेश में अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में पारदर्शी तरीके से नियुक्ति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि युवाओं के परिश्रम और प्रतिभा को अवसर देने के लिए भर्ती प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोग किसी भी तरह राजनीति का शिकार नहीं होने चाहिए। इन संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है, ताकि योग्य युवाओं को उनकी प्रतिभा और परिश्रम के आधार पर अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी नियुक्तियों से युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिल रही है।
छह माह में एक लाख से अधिक नियुक्तियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह माह में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस में करीब 36 हजार और होमगार्ड में 41 से 42 हजार नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भी विभिन्न पदों पर चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
पूर्ववर्ती सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी ने 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर युवाओं में अविश्वास का माहौल था। उन्होंने कहा कि उस दौर में प्रदेश में आए दिन कानून-व्यवस्था की चुनौतियां सामने आती थीं और युवाओं के सामने पहचान का संकट पैदा कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमार नहीं था, बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों की मानसिकता बीमार थी।
योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। चयनित अभ्यर्थियों को बिना भेदभाव और योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में अवसर देने की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने नवनियुक्त युवाओं से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।




