बेटे हिमांशु समेत कई नामजद 94.30 लाख की कथित धोखाधड़ी का आरोप
कैसरबाग पुलिस ने शुरू की जांच पूर्व कुलपति की शिकायत के बाद कार्रवाई
दस्तावेजों व बैंक लोन की भी होगी पड़ताल
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी में फ्लैट खरीद से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है। दर्जा प्राप्त मंत्री नटवर गोयल के खिलाफ कैसरबाग थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में उनके बेटे हिमांशु गोयल समेत अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।मामला लालबाग स्थित सिने ग्रैंड अपार्टमेंट में फ्लैट संख्या 103 और 104 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता पूर्व कुलपति प्रो. माहरूख मिर्जा के मुताबिक, दोनों फ्लैटों की कीमत क्रमश: 52.50 लाख और 55 लाख रुपये बताई गई थी। आरोप है कि उनके नाम पर करीब 94.30 लाख रुपये का ऋण लेकर रकम का इस्तेमाल किया गया, जबकि फ्लैट उन्हें नहीं दिए गए।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके अलावा विभिन्न बैंकों के माध्यम से उनके नाम पर करीब 1.17 करोड़ रुपये का अतिरिक्त होम लोन कराया गया। बाद में बैंकों की ओर से नोटिस मिलने पर मामला सामने आया। शिकायतकर्ता ने विरोध करने पर कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है।कैसरबाग पुलिस के अनुसार, एफआईआर में नटवर गोयल, हिमांशु गोयल, आरके श्रीवास्तव, बाला श्रीवास्तव तथा संबंधित बैंकों के अज्ञात अधिकारियों के नाम शामिल हैं। पुलिस अब दस्तावेजों, ऋण प्रक्रिया, फ्लैट की बिक्री और संबंधित लेनदेन की जांच कर रही है।राजनीतिक पेंच भी अहम: नटवर गोयल लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और पूर्व में राज्य मंत्री के दर्जे वाले पद पर रह चुके हैं। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर ने मामले को सिर्फ रियल एस्टेट विवाद तक सीमित न रखकर राजनीतिक चर्चा का विषय भी बना दिया है। हालांकि, एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।पुलिस की जांच में अब यह स्पष्ट किया जाएगा कि फ्लैटों की बिक्री, ऋण स्वीकृति और संबंधित दस्तावेजों की प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका थी। आरोपित पक्ष का जवाब और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।




