सीएम तक पहुंची शिकायत
पंचायत सहायकों के आंदोलन ने बढ़ाई सरकार की चुनौती
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में पंचायती राज विभाग को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। विभागीय मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक शिकायत पहुंचाई है। राजभर की ओर से प्रमुख सचिव अनिल कुमार और निदेशक अमित कुमार सिंह को लेकर आपत्तियां जताई गई हैं। इससे विभाग के भीतर मंत्री और अफसरों के बीच खींचतान का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।अफसरों पर फैसले लागू नहीं करने का आरोपराजभर का आरोप है कि विभाग में उच्च स्तर पर लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है। इससे विभागीय कामकाज प्रभावित होने के साथ सरकार की छवि पर भी असर पड़ रहा है। इससे पहले भी मंत्री अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत कर चुके हैं। सितंबर की शुरुआत में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार डिजिटल लाइब्रेरी समेत कुछ विभागीय मामलों को लेकर मंत्री और अधिकारियों के बीच मतभेद सामने आए थे।पंचायत सहायकों का आंदोलन बना नई चुनौतीइधर पंचायत सहायकों के आंदोलन ने विभागीय विवाद को और अहम बना दिया है। प्रदेशभर के पंचायत सहायक विभिन्न मांगों और मानदेय से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लखनऊ में धरना भी हुआ। 16 सितंबर को राजभर ने प्रदर्शन कर रहे पंचायत सहायकों से बातचीत की और उनकी मांगों पर भरोसा दिया। इसके बाद सरकार ने पंचायत सहायकों के मासिक मानदेय को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने समेत कई मांगों पर सहमति जताई और आंदोलन समाप्त होने की जानकारी सामने आई।विभागीय खींचतान से उठे राजनीतिक सवालराजभर की ओर से अधिकारियों की शिकायत और उसी समय पंचायत सहायकों का आंदोलन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि मंत्री ने अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री पर छोड़ा है। अब निगाह इस बात पर है कि मुख्यमंत्री स्तर से विभागीय शिकायतों पर क्या कदम उठाया जाता है और पंचायती राज विभाग में मंत्री-अधिकारी समन्वय को किस तरह मजबूत किया जाता है।पंचायती राज विभाग ग्रामीण शासन व्यवस्था और आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों से सीधे जुड़ा है। ऐसे में विभाग के भीतर सामने आया यह विवाद केवल प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि सरकार की कार्यप्रणाली और मंत्री-अधिकारी समन्वय से जुड़ा मुद्दा भी बन गया है।




