कार्यकत्री को 12 हजार और सहायिका को आठ हजार रुपये मानदेय देने की मांग
20 सितंबर के सम्मेलन में आंदोलन की रणनीति बनाएगी आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ मे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के माध्यम से की गई वृद्धि को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन, सीटू ने नाराजगी जताई है। मंगलवार को यूनियन की प्रदेश कोषाध्यक्ष बबिता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर पीएलआई व्यवस्था समाप्त करने और मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की मांग की।यूनियन ने पत्रक के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपये तथा सहायिकाओं का मानदेय आठ हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। प्रदेश कोषाध्यक्ष बबिता ने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानजनक मानदेय देने की बात कह चुके हैं, लेकिन वर्तमान में की गई वृद्धि उनकी अपेक्षाओं और सरकार के आश्वासन के अनुरूप नहीं है।यूनियन का कहना है कि वर्तमान मानदेय प्रदेश में अकुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी कम है। लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में इतने कम मानदेय में परिवार की आजीविका चलाना मुश्किल है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं बाल विकास एवं पोषण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जिम्मेदारी निभाती हैं, ऐसे में उनके काम के अनुरूप मानदेय दिया जाना चाहिए।पीएलआई को बताया अन्यायपूर्ण व्यवस्थापत्रक में पीएलआई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। यूनियन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में इस तरह की व्यवस्था नहीं है। सरकारी सेवा से जुड़े कार्यों को प्रदर्शन से जोड़कर मानदेय निर्धारित करना कर्मचारियों के साथ न्यायसंगत नहीं है। यूनियन ने सरकार से पीएलआई व्यवस्था समाप्त कर निश्चित और सम्मानजनक मानदेय देने की मांग की।इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग भी उठाई गई। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहीं कार्यकत्रियों के भविष्य की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।प्रतिनिधिमंडल में राज्य समिति सदस्य सलमा, जिला संयोजक गीता सैनी और अर्चना यादव समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। यूनियन ने बताया कि इन मांगों को लेकर 20 सितंबर को लखनऊ के दारुलसफा स्थित बी ब्लॉक हाल में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में आंगनबाड़ी कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा के साथ आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।




