शिवपाल की जगह बने अध्यक्ष 2017 से अध्यक्ष रहे शिवपाल यादव को हटाकर अखिलेश यादव को मिली जिम्मेदारी
सपा के भीतर बदलते समीकरणों के बीच बड़ा राजनीतिक संदेश
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ मे समाजवादी पार्टी के भीतर एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। डॉ. राम मनोहर लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंप दी गई है। वर्ष 2017 से इस पद पर रहे शिवपाल यादव की जगह अखिलेश यादव का अध्यक्ष बनना पार्टी के राजनीतिक गलियारों में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।लोहिया ट्रस्ट समाजवादी विचारधारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया के समाजवादी चिंतन से जुड़ा महत्वपूर्ण मंच रहा है। ऐसे में इसकी कमान अखिलेश यादव के हाथ में आने को सपा की विचारधारा और संगठनात्मक गतिविधियों पर उनकी पकड़ मजबूत होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।चाचा शिवपाल के दौर के बाद भतीजे अखिलेश को मिली ट्रस्ट की कमानलोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर शिवपाल यादव लंबे समय से जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वर्ष 2017 में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच राजनीतिक मतभेदों के दौर के बाद भी ट्रस्ट में शिवपाल की भूमिका बनी रही थी। अब अध्यक्ष पद में बदलाव को सपा के भीतर नेतृत्व की मौजूदा व्यवस्था के अनुरूप महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।राजनीतिक जानकारों की नजर में यह बदलाव केवल एक पद का परिवर्तन नहीं है, बल्कि समाजवादी विचारधारा से जुड़े प्रमुख संस्थानों पर नेतृत्व की दिशा को भी दर्शाता है। अखिलेश यादव के अध्यक्ष बनने से ट्रस्ट की गतिविधियों को पार्टी की मौजूदा राजनीतिक रणनीति और वैचारिक अभियान से जोड़कर आगे बढ़ाने की संभावना भी जताई जा रही है।
2027 से पहले संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने का संकेत
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तैयारियां तेज* ऐसे समय में लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी अखिलेश यादव को मिलना राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। अखिलेश पहले से ही सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पार्टी की कमान संभाल रहे हैं। अब लोहिया ट्रस्ट का नेतृत्व भी उनके हाथ आने से समाजवादी विचारधारा के प्रमुख मंच पर उनकी सीधी भूमिका और मजबूत होगी।इस बदलाव के बाद सपा की राजनीति में शिवपाल यादव की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि इसे लेकर पार्टी की ओर से आगे की रणनीति क्या होगी, इस पर सभी की निगाहें रहेंगी। फिलहाल लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर अखिलेश यादव की ताजपोशी को सपा के भीतर नेतृत्व के केंद्रीकरण और आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।




