दोनों गुटों को मिली नई राजनीतिक पहचान
ममता गुट बना ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’, फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिन्ह आवंटित
नई दिल्ली/Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं। आयोग के 18 सितंबर के आदेश के मुताबिक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया गया है।
अरूप राय गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’, लिफाफा बना चुनाव निशान
आयोग ने अरूप राय के नेतृत्व वाले दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में माना जाएगा। यह व्यवस्था फिलहाल आयोग के समक्ष चल रहे संगठनात्मक विवाद के अंतिम निर्णय तक लागू रहेगी।
पुराने नाम और ‘फूल एवं घास’ चिन्ह पर रोक, उपचुनाव में नई पहचान से उतरेंगे उम्मीदवार
इससे एक दिन पहले, 17 सितंबर को आयोग ने दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके आरक्षित ‘फूल एवं घास’ चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया था। आयोग के ताजा आदेश का उद्देश्य आगामी उपचुनावों में दोनों गुटों के उम्मीदवारों के नामांकन को प्रभावित होने से बचाना है। रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों तथा असम की नगांव लोकसभा सीट से दाखिल नामांकनों को संबंधित नए नाम और चुनाव चिन्ह से जोड़ा गया है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश अंतिम रूप से यह तय नहीं करता कि संगठनात्मक विवाद में वास्तविक तृणमूल कांग्रेस कौन है।
राजनीतिक असर: चुनाव आयोग के इस अंतरिम फैसले के बाद तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट अब आगामी उपचुनावों में अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में होंगे। इससे बंगाल की राजनीति में चल रहे तृणमूल के संगठनात्मक विवाद को चुनावी स्तर पर भी स्पष्ट अलग पहचान मिल गई है।




