अखिलेश का हाईटेक रथ तैयार
आंबेडकर से कांशीराम तक महापुरुषों की तस्वीरें, सामाजिक न्याय के संदेश के साथ प्रदेश में उतरेगा रथ
पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक-मुस्लिम वर्ग पर फोकस, अखिलेश यादव खुद संभालेंगे यात्रा की कमान
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी अभियान को धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पार्टी ने ‘समाजवादी पीडीए यात्रा’ के लिए विशेष रूप से तैयार हाईटेक प्रचार रथ तैयार कराया है।
रथ पर ‘समाजवादी पीडीए यात्रा’ के साथ सामाजिक न्याय और पीडीए से जुड़े संदेशों को प्रमुखता दी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव जल्द ही इस रथ के जरिए प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत कर सकते हैं।
रथ को सियासी और सामाजिक संदेश के लिहाज से भी तैयार किया गया है। इसकी विंडशील्ड और प्रचार सामग्री में डॉ. भीमराव आंबेडकर समेत विभिन्न महापुरुषों और समाज सुधारकों की तस्वीरें लगाई गई हैं।
इनमें सावित्रीबाई फुले, संत रविदास और कांशीराम जैसे सामाजिक परिवर्तन से जुड़े प्रमुख चेहरों के साथ समाजवादी आंदोलन की विरासत को दर्शाने के लिए मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की तस्वीरें भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों में रथ पर 18 महापुरुषों की तस्वीरें होने का उल्लेख है।
रथ पर ‘पीडीए सामाजिक आंदोलन है’ और ‘पीडीए सामाजिक न्याय का संघर्ष है’ जैसे संदेश भी अंकित किए गए हैं। सपा की राजनीतिक रणनीति में पीडीए का आशय पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक-मुस्लिम वर्ग से है। ऐसे में यात्रा के जरिए पार्टी इन सामाजिक समूहों तक अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक पहुंच बढ़ाने का संदेश दे रही है।
विशेष रूप से तैयार यह रथ आधुनिक सुविधाओं से लैस बताया जा रहा है। इसमें जनसंबोधन प्रणाली, लिफ्ट समेत अन्य सुविधाएं और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया है। पार्टी के 2027 चुनावी अभियान में यह रथ जनसभाओं, रोड शो और जनसंपर्क कार्यक्रमों का प्रमुख माध्यम बन सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक यात्रा की विस्तृत समय-सारणी अभी सामने नहीं आई है, हालांकि अगले महीने के अंतिम सप्ताह से प्रदेश भ्रमण शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सपा की इस कवायद को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरणों को केंद्र में रखकर संगठन और जनसंपर्क अभियान को विस्तार देने की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। अब निगाह इस बात पर है कि अखिलेश यादव इस रथ के साथ प्रदेश के किन क्षेत्रों से अभियान की शुरुआत करते हैं और यात्रा को किस स्वरूप में आगे बढ़ाया जाता है।




