नई दिल्ली/Etv News 24/ बादल हुसैन
नई दिल्ली। देश की शहरों में लगातार पैदल चलना मुश्किल होता जा रहा है। फुटपाथ जो लोगों के सुरक्षाऔर सुविधा के लिए बनाए गये थे आज अतिक्रमण अवैध पार्किंग और रेहड़ी-पटरी वालों के कब्जे में है।सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ पर चलने को मूल अधिकार बताया है, लेकिन दिल्ली की सड़कों पर यह अधिकार सिर्फ कागजों तक सीमित है। यहां फुटपाथों पर पहला हक गाड़ियों को, दुसरा दुकानदारों का, और तीसरा ठेला रेहड़ियों को है। सामान्न इस कदर फ़ैला है मानों निगम ने बकायदा पट्टटा जारी कर दिया है। दिल्ली पुलिस के अध्ययन के अनुसार हादसों में पैदल यात्रियों की मौत का आंकड़ा करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, बच्चों, और दिव्यांगो पर है। अधिकारियों की दिखाबे की कार्रवाई के बाद अगले दिन वही हालत लौट आते हैं।ये तस्वीर उसी मजबूर की कहानी है जहां कागज़ी आदेश सड़क पर गायब है।आप इस तस्वीर में देख सकते हैं की आमदनी का अधिकार किस तरह से सड़कों से गायब है।ये नजारा है राजधानी के लक्ष्मीनगर का जहां फुटपाथों पर अवैध पार्किंग नज़र आ रहा है, जिससे पैदल चलने वालों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है।




