तिलौथू रोहतास/Etv News 24
तिलौथू प्रखंड के ग्राम पंचायत तिलौथू पूर्वी पंचायत सरकार भवन पर भारत सरकार की कृषि क्षेत्र की बहुआयामी योजना “खेत बचाओ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि समन्वयक अजीम अंसारी ने बताया कि कृषि समन्वयक संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में तिलौथू पूर्वी पंचायत सरकार भवन में इस योजना की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में पंचायत के सैकड़ों महिला एवं पुरुष प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान किसानों को बताया गया कि वे अधिक से अधिक जैविक खेती को अपनाएं तथा खेतों में किसी भी फसल की उर्वरता और बेहतर पैदावार के लिए संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें। किसानों को यह भी जानकारी दी गई कि अधिक कीटनाशक दवाओं और रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति एवं गुणवत्ता प्रभावित होती है।क्या है जैविक खेती:- जैविक खेती कृषि की एक ऐसी पद्धति है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के स्थान पर गोबर की खाद, कम्पोस्ट, हरी खाद तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जाता है। यह खेती मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जैविक खेती से उत्पादित अनाज, फल और सब्जियाँ स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी मानी जाती हैं। इससे भूमि, जल और वायु प्रदूषण कम होता है तथा खेती की लागत भी घटती है। किसानों को अधिक से अधिक जैविक खेती अपनाकर स्वस्थ समाज और सुरक्षित पर्यावरण के निर्माण में योगदान देना चाहिए।




