करगहर रोहतास/Etv News 24
सीडीपीओ रत्ना कुमारी पर विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने व पोषण ट्रैकर एप पर खराब प्रगति जैसे गंभीर आरोपों के आलोक में जिलाधिकारी ने विगत 1 सितंबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए नोखा सीडीपीओ को प्रभार सौंपने का आदेश दिया था । लेकिन डीएम के निलंबन आदेशों की अवहेलना कर 22 दिनों बाद भी प्रभार नहीं सौंपा जिलाधिकारी के निलंबन आदेशों का उल्लंघन करने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि विगत शनिवार को दिनारा में आयोजित बीस सूत्री की बैठक में शामिल हुई और करगहर स्थित कार्यालय में उपस्थित हुई । उन्होंने बताया कि सीडीपीओ कारागार में पदस्थापित थी और दिनारा प्रखंड के प्रभार में थी । जिन्हें दोनों जगह का प्रभार सौंपने का आदेश दिया गया है । बताया कि विधानसभा के शून्य काल में स्थानीय विधायक आलोक सिंह ने प्रभार नहीं सौंपने का मुद्दा उठाया था । इसके बाद भी जिला स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई । आरोप लगाया कि प्रखंड में विगत 5 वर्षों से अधिक समय से चार पर्यवेक्षिकाएं कार्यरत हैं। जिनका तत्कालीन डीएम द्वारा स्थानांतरण किया गया था लेकिन निलंबित सीडीपीओकी मर्जी पर बनी हुई है । उन्होंने आदेशों की अवहेलना किए जाने पर कार्रवाई की मांग की है ।आईसीडीएस प्रभारी वनिता कुमारी ने बताया कि प्रभार सौंपने की प्रक्रिया चल रही है ।




