एक सप्ताह में पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कराने की मांग, कालाबाजारी पर जताई नाराजगी
डीएपी, पोटाश और यूरिया की कमी से बुवाई प्रभावित
निजी दुकानों पर मनमाने दाम वसूलने का आरोप एसडीएम लम्भुआ को सौंपा पत्र
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
उत्तर प्रदेश / etv news 24 ब्यूरो / एजेंसी लखनऊ
उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ के जनपद सुल्तानपुर के लम्भुआ तहसील मे आज डेपी खाद को काला बाजारी को लेकर एस डी एम लम्भुआ को सौंपा विज्ञप्ति रबी फसलों की बुवाई का समय चल रहा है, लेकिन खाद और बीज की कमी से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। डीएपी, पोटाश और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से किसानों को समय पर बुवाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, निजी दुकानों पर मनमाने दाम वसूले जाने की शिकायतों ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
इस समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अंबावता गुट) ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर किसानों को राहत दिलाने की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन अंबावता गुट के जिलाध्यक्ष धर्मवीर भारती और जिला महासचिव कृष्णाकांत पाठक ने उपजिलाधिकारी लंभुआ को पत्र देकर क्षेत्र में खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि खेती-किसानी के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक और बीज उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। खाद की कमी का सीधा असर फसलों की बुवाई पर पड़ सकता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी स्तर पर पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है। वहां अधिक कीमत वसूले जाने से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पहले से ही खेती की लागत बढ़ने से परेशान किसानों के लिए महंगे खाद-बीज खरीदना मुश्किल हो रहा है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि एक सप्ताह के भीतर किसानों की जरूरत के मुताबिक खाद और बीज की पर्याप्त व्यवस्था कराई जाए। साथ ही, खाद की बिक्री पर निगरानी बढ़ाकर मनमानी कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक मिल सके और उनकी बुवाई प्रभावित न हो।
भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संगठन किसानों के हित में बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। किसान नेताओं ने कहा कि खेती के महत्वपूर्ण समय में खाद-बीज की कमी को दूर करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे किसानों को समय पर बुवाई करने का अवसर मिल सके।




