जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सरकार का बड़ा कदम, तंबाकू उत्पादों पर कसा शिकंजा
गुटखा-पान मसाला के भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध, खाद्य सुरक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश
युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की पहल, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
देहरादून/Etv News 24/संवाददाता वागीश
देहरादून। प्रदेश में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार ने गुटखा, पान मसाला और प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश में संबंधित खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय पर प्रतिबंध और निर्बंधन) विनियम, 2011 के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। इसके तहत प्रतिबंधित उत्पादों की आपूर्ति और बाजार में उपलब्धता पर नियंत्रण रखने की व्यवस्था की गई है।
आदेश के अनुसार, गुटखा और निकोटिन युक्त उत्पादों के संबंध में लागू प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखी जाए, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
नशामुक्त समाज की दिशा में अहम पहल
नशे की लत का सबसे अधिक असर युवाओं और किशोरों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। तंबाकू और निकोटिन युक्त उत्पादों के सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। ऐसे में प्रतिबंधों का प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रशासनिक स्तर पर निगरानी के साथ लोगों को भी तंबाकू और नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना आवश्यक है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना और प्रतिबंधित उत्पादों की उपलब्धता पर अंकुश लगाना है।
जारी आदेश में उल्लिखित प्रतिबंधों की सटीक अवधि और उत्पादों की श्रेणी की पुष्टि आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए, ताकि समाचार में किसी प्रतिबंध को स्थायी या पूरे प्रदेश में लागू बताने से पहले तथ्य स्पष्ट रहें।




