CJP प्रदर्शन में गिरफ्तारियों पर संयुक्त राष्ट्र की चिंता खारिज, विदेश मंत्रालय ने कहा—कानून के दायरे में हुई कार्रवाई
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर OHCHR ने जताई थी चिंता, भारत ने संप्रभुता और कानून-व्यवस्था का दिया हवाला
नई दिल्ली/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई गिरफ्तारियों को लेकर भारत सरकार और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) के बीच बयानबाजी सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रदर्शन के दौरान नेताओं, पत्रकारों और वकीलों की गिरफ्तारी पर चिंता जताए जाने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने उसकी टिप्पणियों को खारिज कर दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और कानून के अनुसार कार्रवाई करना उसके आंतरिक अधिकार क्षेत्र का विषय है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को कहा कि भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणियों को आंतरिक मामलों में अनावश्यक दखल के रूप में देखा है।
दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय के प्रवक्ता थमीन अल-खीतान ने दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई गिरफ्तारियों पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने अधिकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने, कार्रवाई के दौरान संयम बरतने और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए लोगों को बिना शर्त तत्काल रिहा करने का आग्रह किया था।
संयुक्त राष्ट्र की इस टिप्पणी के बाद भारत की प्रतिक्रिया सामने आई है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर देश की कानून-व्यवस्था, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार और आंतरिक मामलों में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका को लेकर बहस तेज कर दी है।




