निष्पक्ष जांच पर उठे सवाल
दोमुंहा-पखरौली मार्ग पर परऊपुर गांव के पास हुआ हादसा
जिला अस्पताल में 22 वर्षीय श्यामानंद ने तोड़ा दम
पुलिस विभाग से जुड़े वाहन का मामला, साक्ष्यों के संरक्षण और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
देहात कोतवाली क्षेत्र में शनिवार रात सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसे में शामिल कार देहात कोतवाली में तैनात दरोगा अभिषेक सिंह की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद हादसे की परिस्थितियों और निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मलिकपुर गांव निवासी श्यामानंद पुत्र इंद्र कुमार 10 अक्टूबर शनिवार रात लगभग 8:30 बजे बाइक से शहर से अपने घर लौट रहा था। दोमुंहा-पखरौली मार्ग पर परऊपुर गांव के निकट कार की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाल धर्मवीर सिंह ने दरोगा के वाहन से दुर्घटना होने की पुष्टि की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस विभाग से जुड़े वाहन का मामला, निष्पक्ष जांच अहम
दुर्घटना में शामिल कार पुलिस विभाग के अधिकारी से जुड़ी बताई जा रही है। ऐसे में जांच की पारदर्शिता और साक्ष्यों के संरक्षण को लेकर विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। घटनास्थल की परिस्थितियों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और वाहन के तकनीकी परीक्षण सहित सभी जरूरी पहलुओं की जांच से घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार को न्याय दिलाने के लिए तय हो जवाबदेही
हादसे में युवक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब सवाल है कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने और जिम्मेदारी निर्धारित करने के लिए पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है। मामले की विवेचना निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति को उसके पद या विभागीय संबंधों के आधार पर विशेष रियायत नहीं मिलनी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि मामले में जांच की प्रगति की निगरानी की जाए तथा पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता और कार्रवाई से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। हालांकि, दुर्घटना की परिस्थितियों और किसी की कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।




