मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बदले नियम, दुल्हन को सीधे मिलेगी आर्थिक सहायता
पायल-बिछिया की जगह खाते में आएंगे चार हजार रुपये अतिरिक्त
एक जोड़े के विवाह पर एक लाख रुपये खर्च करेगी सरकार
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह को सम्मानजनक और आसान बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित कर रही है। योजना के तहत सरकार ने सहायता राशि के वितरण में बदलाव किया है। अब पात्र कन्या के बैंक खाते में 60 हजार रुपये के बजाय 64 हजार रुपये सीधे भेजे जाएंगे। पायल और बिछिया के लिए निर्धारित चार हजार रुपये की राशि को भी इसमें शामिल किया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य लाभार्थियों को आर्थिक सहायता सीधे उपलब्ध कराने के साथ योजना में पारदर्शिता बढ़ाना है।
सरकार की नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में प्रत्येक जोड़े पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 64 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में हस्तांतरित होंगे, जबकि 21 हजार रुपये विवाह में दी जाने वाली उपहार सामग्री पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा 15 हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित हैं।
सीधे खाते में पहुंचेगी धनराशि नई व्यवस्था में लाभार्थी कन्या को पायल और बिछिया उपलब्ध कराने के बजाय इनके लिए निर्धारित चार हजार रुपये भी नकद सहायता के रूप में दिए जाएंगे। इससे कन्या के खाते में मिलने वाली कुल धनराशि बढ़कर 64 हजार रुपये हो जाएगी। भुगतान को पारदर्शी बनाने के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से धनराशि भेजने की व्यवस्था की गई है।
पात्र परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों की शादी के खर्च में सहायता देना और विवाह के अवसर पर परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों के विवाह विभिन्न समुदायों और वर्गों के लिए आयोजित सामूहिक समारोहों में संपन्न कराए जाते हैं। इच्छुक परिवार योजना की पात्रता और आवेदन संबंधी जानकारी समाज कल्याण विभाग से प्राप्त कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल cmsvy.upsdc.gov.in का उपयोग किया जा सकता है।
सरकार की इस पहल से पात्र परिवारों को विवाह के खर्च में राहत मिलने और बेटियों को गृहस्थी की शुरुआत के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध होने की उम्मीद है।




