मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
फॉर्म-6 विवाद पर मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफे की मांग
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
लखनऊ राजधानी 8 अक्टूबर। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया ने फॉर्म-6 में संशोधन को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गंभीर सवाल उठाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। बोर्ड के महासचिव डॉ. मोईन खान (मम्मू) ने कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े विवाद ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि मामले में लगाए जा रहे आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठेंगे। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में वे दुनिया के पहले चुनाव अधिकारी हो सकते हैं, जिनके संबंध में 13 करोड़ लोगों की एफआईआर की बात सामने आई है।
डॉ. मोईन खान ने कहा कि यह महज विरोध का मामला नहीं, बल्कि जवाबदेही का प्रश्न है। फॉर्म-6 में संशोधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की कथित स्वीकृति के संबंध में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए और यह बताया जाना चाहिए कि संशोधन किस आधार पर किया गया तथा अदालत के आदेश का किस प्रकार संदर्भ दिया गया।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा संशोधन को मंजूरी दिए जाने से इनकार किए जाने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। यह भी सामने आना चाहिए कि फॉर्म-6 में संशोधन किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में किया गया।
बोर्ड ने कहा कि यदि जांच में अदालत के आदेश के संबंध में गलत जानकारी देने या संदिग्ध दस्तावेजों के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के चुनावी विश्वास से जुड़ा गंभीर विषय होगा।
डॉ. मोईन खान ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर उसके निष्कर्ष जनता के सामने रखे जाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी साजिश या सुनियोजित कार्रवाई की पुष्टि होती है तो इसमें शामिल लोगों की भूमिका तय कर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि 13 करोड़ मतदाताओं से जुड़े मामले को सामान्य तकनीकी त्रुटि मानकर टाला नहीं जा सकता। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नैतिक और संस्थागत जवाबदेही स्वीकार करते हुए पद से इस्तीफा देना चाहिए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ हो सके।




