ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
कांग्रेस नेताओं ने कहा- चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी, फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग
अयोध्या उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को अयोध्या में शक्ति प्रदर्शन किया। जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कमला नेहरू भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय से विरोध मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र एवं व्यापक समीक्षा कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित प्लेकार्ड थे। यह विरोध उस राष्ट्रव्यापी अभियान के बीच हुआ, जिसमें कांग्रेस ने SIR और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की है।
प्रदर्शन की अगुवाई जिलाध्यक्ष चेतनारायण सिंह और महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने की। कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिला अस्पताल के सामने सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस बल ने रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया।
जिलाध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मताधिकार से जुड़े किसी भी बदलाव को लेकर जनता के सामने स्पष्ट जवाब होना चाहिए। सिंह ने कहा कि कांग्रेस अन्याय के खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ रही है और इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए पार्टी प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि वोट चोरी लोकतंत्र के लिए गंभीर अपराध है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम और पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नियुक्ति समिति की संरचना में बदलाव के बाद से ही निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता शीतला पाठक ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और निर्वाचन आयोग के निर्णयों को लेकर उठ रहे सवालों का पारदर्शी ढंग से जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, गिरफ्तारी तथा उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग दोहराई।
पूर्व जिलाध्यक्ष रामदास वर्मा और रामअवध पासी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का सार्वजनिक और पारदर्शी समाधान जरूरी है।
प्रदर्शन में अशोक कुमार सिंह मनऊपुर, अनिल तिवारी, अनिल सिंह, पीसीसी सदस्य उग्रसेन मिश्रा, रामकिशोर वर्मा, दिलीप गौर, राजेंद्र कुमार, रविंद्र कुमार, रमाशंकर तिवारी, राज प्रताप, आदिल कुरैशी, रहबर, विजय गुप्ता, फ्लावर नकवी, बसंत मिश्रा, रेनू राय, नाजिश फातिमा, रामसागर रावत, राजकुमार पांडेय, रामेंद्र त्रिपाठी, मनोज जायसवाल, दयाशंकर तिवारी, बृजेश रावत, जय प्रताप गुप्ता, विवेक शर्मा, मिस्बाउल हक, सुधीर प्रदीप, उमेश उपाध्याय, रुद्र प्रताप सिंह रिशु, राजकुमार सिंह, यशवीर सिंह, मोहम्मद आमिर, धर्मेंद्र सिंह फास्टर, हृदय नारायण मिश्रा, शैलेंद्र मणि पांडेय, रमेश चंद्र, भगवान बहादुर शुक्ला, कविंद्र साहनी, अशोक कनौजिया, भीम शुक्ला, दीप कृष्ण वर्मा, रामेंद्र मोहन मिश्रा और चंचल सोनकर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।




