संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ/Etv News 24
लगातार हो रही बारिश को लेकर और पेड़ों के गिरने से प्रदेश में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। विद्युत व्यवस्था को जल्द सामान्य करने के लिए विभाग की टीमें दिन-रात अनुरक्षण और मरम्मत कार्य में जुटी हैं। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने रविवार को अवकाश के बावजूद शक्ति भवन पहुंचकर विद्युत आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में अध्यक्ष ने टोल फ्री नंबर 1912 पर आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए फीडरवार निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को यह भी बताया जाए कि उनकी विद्युत आपूर्ति कब तक बहाल होने की संभावना है।
अधिकारियों के अनुसार बारिश और पेड़ों के गिरने से 33 केवी और 11 केवी फीडरों पर बड़ी संख्या में ब्रेकडाउन हुए हैं। मध्यांचल में बरेली मंडल को छोड़कर अधिकांश शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति लगभग सामान्य हो गई है। मध्यांचल स्तर पर 33 केवी के छह सबस्टेशन बंद हैं, जिन्हें शाम तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
पूर्वांचल में बस्ती और संत कबीर नगर में आपूर्ति बहाल होने के बाद दोबारा हुई भारी बारिश से कुछ स्थानों पर ब्रेकडाउन की स्थिति बनी है। इनके अलावा अधिकांश शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य बताई गई है। पश्चिमांचल में अमरोहा, बिजनौर, संभल और मुरादाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़कर आपूर्ति सामान्य कर दी गई है।
दक्षिणांचल में इटावा, कन्नौज, औरैया और फर्रुखाबाद को छोड़कर अन्य शहरों में विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी गई है। वहीं, केस्को क्षेत्र में 33 केवी का कोई ब्रेकडाउन नहीं है और सभी स्थानों पर आपूर्ति सामान्य कर दी गई है।
विभाग के मुताबिक अम्बेडकर नगर, भदोही, आजमगढ़, बलिया, बहराइच, बाराबंकी, बस्ती, बरेली, गोंडा, देवरिया, लखीमपुर, मऊ, सिद्धार्थ नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर, शाहजहांपुर, आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, बुलंदशहर, गोरखपुर, वाराणसी ग्रामीण और लखनऊ समेत कई जिले बारिश से प्रभावित हुए हैं। लखनऊ सहित प्रदेश के अधिकांश शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति लगभग सामान्य कर दी गई है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरम्मत कार्य जारी है। बरेली मंडल में बारिश जारी रहने के कारण अनुरक्षण कार्य में अपेक्षाकृत अधिक समय लग रहा है।
बारिश और पेड़ों के गिरने से बड़ी संख्या में बिजली के पोल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिन्हें बदलने का काम जारी है। 33 केवी और 11 केवी लाइनों को दुरुस्त करने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। मुख्यालय स्तर से अधिकारियों को प्रभावित जिलों में भेजा गया है। आरडीएसएस और बिजनेस प्लान के कार्यों में लगी कार्यदायी संस्थाओं को भी अनुरक्षण कार्य में लगाया गया है।
अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने निर्देश दिया कि मैनपावर की कोई कमी नहीं होनी चाहिए और जिला व फीडरवार मॉनिटरिंग के आधार पर काम कराया जाए। उन्होंने अस्पतालों, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं की विद्युत आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि सामग्री की कमी नहीं है और किसी भी फीडर को छूटना नहीं चाहिए।
शक्ति भवन और सभी डिस्कॉम के कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखे गए हैं। डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में विद्युत व्यवधान और चल रहे अनुरक्षण कार्यों की जानकारी दी। यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक नितेश कुमार ने भी बैठक में आवश्यक निर्देश दिए।




