मामला ग्रामीण बैंक तिलौथू से संबंधित
शाखा प्रबंधक, क्षेत्रीय प्रबंधक तथा जिला पशुपालन अधिकारी को बनाया पार्टी
तिलौथू रोहतास/ Etv News 24
बिहार ग्रामीण बैंक तिलौथू शाखा के सेवाओं से क्षुब्ध होकर उपभोक्ता कुमार रवि रंजन सिंह द्वारा रोहतास उपभोक्ता फोरम में बैंक के खिलाफ परिवाद दायर किया गया है तथा बैंक के शाखा प्रबंधक एवं क्षेत्रीय कार्यालय प्रबंधक के साथ पशुपालन अधिकारी को पार्टी बनाया गया है।कुमार रवि रंजन सिंह के द्वारा पशुपालन से संबंधित अनुदान आधारित ऋण लिया गया था और इस ऋण से संबंधित बकाया रकम बगैर समझौता के भुगतान किया गया लेकिन इनके सिबील में उक्त लोन यथावत खाता संख्या और यथावत राशि का बकाया दो बार दिखाया गया था, ज़ब की उपभोक्ता द्वारा बकाये राशि की भुगतान की जा चुकी थी।लेकिन बैंक प्रबंधक की मनमानी से उपभोक्ता कुमार रवि रंजन का सिविल बुरी तरह से प्रभावित हुआ जिस कारण से इन्हें सभी बैंकों ने व्यवसाय को आगे बढ़ाने हेतु नया ऋण देने से इनकार कर दिया और इनका व्यवसाय इस वजह से लाखों रुपए के घाटे में चला गया।उपभोक्ता कुमार रवि रंजन ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा की “बैंक की एक मनमानी यह भी थी की किसी गैर ऋण धारक की ऋण राशि मेरे नाम पर सिबिल में प्रवीष्ट कर दि गयी जिससे सिबिल बुरी तरह से प्रभावित होने का क्रम जारी रहा और बैंक चुप रहा, बैंक ने ऋण देने की बात भी कहा था लेकिन सिबिल ख़राब होने का बहाना बता कर ऋण नहीं दिया “।बकौल उपभोक्ता, इन्होने शाखा प्रबंधक के मनमानी के खिलाफ सभी उपयुक्त प्राधिकारों को शिकायत किया लेकिन सिबिल में सुधार नहीं हुआ, फिर आरबीआई के लोकायुक्त को शिकायत किया गया तब जाकर सिबिल में सुधार तो हुआ लेकिन तब तक काफ़ी देर हो चूका था और नया ऋण मिलने में असंभावित विलम्ब झेलना पड़ा।
बताते चले की कुमार रवि रंजन आदर्श पैक्स हुरका के पूर्व अध्यक्ष हैँ और एक मतस्य और अंडा का व्यवसाई हैँ। उन्होने बैंक द्वारा बरते गए मनमानी और दायित्वहीनता के खिलाफ उपभोक्ता फोरम रोहतास का सहारा लिया है और बैंक के खिलाफ परिवाद दाखिल कर न्याय और 50 लाख ₹ व्यवसाय के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति की मांग की है। इस बाबत उपभोक्ता द्वारा बैंक के साथ पशुपालन अधिकारी को पूर्व में कानूनी नोटिस भी भेजा जा चूका है।कुमार रवि रंजन ने बताया की ग्रामीण बैंक मेरे जैसे अनेको ग्राहकों के साथ ऐसा छल और धोखाधड़ी करते रहा है, लेकिन अपसोस की अनजान उपभोक्ता बैंक के खिलाफ समुचित कारवाई नहीं करते जिससे इस ब्रांच को मनमानी करने की गुंजाईश मिलती है।उपभोक्ता को पूर्ण भरोसा है की उपभोक्ता फोरम उचित न्याय करेगा।




