लोकदल का दावा 2027 के गठबंधन की
रणनीति पर आधे घंटे मंथन, बोले सुनील सिंह- किंग नहीं, किंग मेकर बनना चाहता हूं
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की संभावित तस्वीरें आकार लेने लगी हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी चौधरी सुनील सिंह ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। करीब आधे घंटे चली इस बैठक में उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, आगामी विधानसभा चुनाव और विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने की बात सामने आई है।
बैठक में लोकदल की ओर से उत्तर प्रदेश की 35 विधानसभा सीटों पर दावा पेश किए जाने की चर्चा रही। हालांकि सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला आगे होने वाली बातचीत में किए जाने की बात कही गई। इससे संकेत मिल रहे हैं कि लोकदल 2027 के चुनाव में गठबंधन के भीतर अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में है।
‘किंग नहीं, किंग मेकर बनना चाहता हूं
मुलाकात के बाद सुनील सिंह ने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव गठबंधन की मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकदल किसानों, युवाओं, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी भूमिका सत्ता की दौड़ में केवल भागीदार बनने की नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका निभाने की होगी। इसी क्रम में उन्होंने कहा।
“मैं किंग नहीं, किंग मेकर बनना चाहता हूं।”
सुनील सिंह ने 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात भी कही। उनके इस बयान को विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस के साथ राजनीतिक तालमेल बढ़ाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
गांव-पंचायतों तक पहुंच बनाने की तैयारी
लोकदल अब चुनावी जमीन मजबूत करने के लिए गांवों और पंचायतों तक पहुंच बनाने की तैयारी में है। गांधी जयंती के अवसर पर पार्टी की ओर से ग्राम स्वराज के संदेश के साथ गांव-पंचायतों में अभियान चलाने की बात कही गई है। इसके जरिए किसानों, युवाओं और ग्रामीण मतदाताओं से सीधे संवाद करने की रणनीति पर काम किया जाएगा।
अखिलेश यादव और राहुल गांधी के साथ सुनील सिंह की हालिया मुलाकातों ने उत्तर प्रदेश में विपक्षी खेमे के भीतर संभावित गठबंधन और सीटों के तालमेल को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। हालांकि सीटों का अंतिम बंटवारा किन दलों के बीच और कितनी सीटों पर होगा, यह आगे होने वाली गठबंधन वार्ताओं के बाद ही स्पष्ट होगा।




