कोतवाल और विवेचक निलंबित पट्टी कोतवाली के शौचालय में कंबल के फंदे से लटका मिला अर्जुन का शव
परिजनों ने लगाया पिटाई और थर्ड डिग्री का आरोप सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
कड़ी सुरक्षा के बीच घर पहुंचाया गया शव
न्यायिक जांच और मुआवजे की उठी मांग
प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
जनपद प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली परिसर में सोमवार को 22 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। युवक का शव कोतवाली के शौचालय में कंबल से बने फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान मोलनापुर निवासी अर्जुन गौतम उर्फ शैलेश पुत्र लल्लू गौतम के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने पुलिस पर युवक की पिटाई और थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाते हुए हत्या की आशंका जताई है।
पुलिस के मुताबिक अर्जुन के खिलाफ एक किशोरी को भगाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज था। करीब तीन दिन पहले किशोरी को बरामद किया गया था। उसके बयान के आधार पर पूछताछ के लिए रविवार को अर्जुन को पट्टी कोतवाली बुलाया गया था। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान अर्जुन ने शौचालय जाने की बात कही। वह अंदर गया और वहां कंबल को फाड़कर बनाए गए फंदे से लटक गया। घटना की जानकारी होते ही पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।
परिजनों के आरोप से बढ़ा तनाव
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण कोतवाली पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस पर अर्जुन की पिटाई करने और थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तनाव की स्थिति को देखते हुए सोमवार देर शाम शव को कड़ी सुरक्षा के बीच उसके घर पहुंचाया गया। मौके पर सीओ सदर, सीओ पट्टी समेत कई थानों की पुलिस तैनात रही।
एसपी ने पहुंचकर की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर भी मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया लापरवाही के आरोप में पट्टी कोतवाल आनंद पाल सिंह और मामले के विवेचक एसआई ओंकार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस कोतवाली परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। युवक की मौत को लेकर विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों ने न्यायिक जांच, पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




