माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने सभी बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की मंगलकामना की
पटना बिहार/Etv News 24/ प्रधान संपादक एस आलम
मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना बिहार में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। बिहार सरकार द्वारा योजना के माध्यम से पात्र बच्चों को बेहतर एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। इसी क्रम में आज 8 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए सीएमसी वेल्लोर भेजा गया। इनमें सुपौल, वैशाली, सिवान एवं सीतामढ़ी के एक-एक तथा मुजफ्फरपुर एवं अररिया के दो-दो बच्चे शामिल हैं।
मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना के तहत 4 अक्टूबर 2024 से 28 सितंबर 2026 तक कुल 61 मरीजों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए सीएमसी वेल्लोर भेजा जा चुका है। इनमें से 37 मरीजों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट सफल रहा है। वहीं, 6 मरीजों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की आवश्यकता नहीं रही तथा शेष मरीज उपचार की प्रक्रिया में हैं।
मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना के तहत पात्र बीटा थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों का निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराया जाता है। इसके लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से प्रति बच्चे के उपचार पर लगभग ₹15 लाख का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है। इसमें बोन मैरो ट्रांसप्लांट के साथ दवाइयां, नर्सिंग, बेड, मरीज, उनके माता-पिता एवं डोनर की हवाई यात्रा तथा आवासीय व्यवस्था सहित अस्पताल से संबंधित विभिन्न खर्च शामिल हैं।
उपचार के बाद भी बच्चों एवं उनके परिवारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। सीएमसी वेल्लोर द्वारा अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद तीन महीने तक निःशुल्क भोजन एवं आवास, मरीज एवं डोनर का निःशुल्क ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन (HLA) परीक्षण तथा स्वास्थ्यकर्मियों एवं डे-केयर सेंटर के कर्मियों का प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस अवसर पर माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने सभी बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य है कि मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना के माध्यम से पात्र बच्चों को समय पर उच्चस्तरीय एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ एवं सामान्य जीवन की ओर अग्रसर किया जाए।




