मायावती के तंज पर अखिलेश का पलटवार
मायावती बोलीं- लाल कम, भगवा ज्यादा; पूछा- मुस्लिमों से भरोसा उठ गया क्या
अखिलेश का पलटवार- सावन के अंधों को हरा ही हरा दिखाई देता है, आंखों का इलाज कराएं
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच सियासी तल्खी बढ़ती नजर आ रही है। सपा के प्रस्तावित पीडीए रथ के रंग को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा तो सपा प्रमुख ने भी बिना नाम लिए पलटवार कर दिया। रंगों को लेकर शुरू हुई यह सियासी नोकझोंक अब पीडीए की राजनीति, मुस्लिम मतदाताओं और दोनों दलों की चुनावी रणनीति तक पहुंच गई है।
मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए तैयार किया गया सपा का पीडीए रथ उसके पारंपरिक लाल रंग से कम और आरएसएस-भाजपा के भगवा रंग से ज्यादा जुड़ा नजर आ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह चुनावी स्वार्थ के लिए लगातार रंग बदलने की रणनीति है या फिर सपा का मुस्लिम मतदाताओं से वोट पाने का भरोसा कमजोर पड़ गया है।
मायावती ने अपने बयान में पिछले चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिम समाज ने सपा को बड़ी संख्या में समर्थन दिया, इसके बावजूद उत्तर प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार बनने से उसे रोका नहीं जा सका। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से मुस्लिम समाज अब सपा को बार-बार वोट देने के बजाय बसपा की ओर रुख करने पर विचार कर रहा है। मायावती ने इस बदलाव की तुलना ब्राह्मण समाज के रुख से भी की। हालांकि, यह उनके राजनीतिक बयान और दावा हैं, न कि किसी स्वतंत्र सर्वेक्षण का निष्कर्ष।
पीडीए के अर्थ पर भी उठाए सवाल
बसपा प्रमुख ने सपा के पीडीए फॉर्मूले पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी परिस्थितियों के अनुसार सपा कभी पीडीए को पिछड़ा-दलित और कभी पीडी को पंडित के रूप में पेश करती है। मायावती ने अखिलेश यादव के नीले रंग के परिधान और खुद को आंबेडकरवादी दिखाने के प्रयासों पर भी टिप्पणी की। साथ ही उन्होंने बसपा की ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की राजनीति को आगे रखने का दावा किया।
अखिलेश ने बिना नाम लिए साधा निशाना
मायावती के हमले पर अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिना उनका नाम लिए पलटवार किया। उन्होंने कहा, “सावन के अंधों को हरा ही हरा दिखाई देता है” और ऐसे लोगों को आंखों का इलाज कराने की जरूरत है। अखिलेश ने रथ के रंग को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि कई बार कैमरे में रंग अलग दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि रथ फिलहाल डीजल भरवाने गया था और उसे लेकर अभी से इतनी चर्चा हो रही है।
रथ को लेकर बढ़ी चुनावी हलचल
सपा का पीडीए रथ विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के अभियान का प्रमुख माध्यम बनने जा रहा है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली से इसके जरिए चुनावी अभियान की शुरुआत करने की तैयारी में हैं। ऐसे में रथ के रंग को लेकर छिड़ी बहस ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को और तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि चुनावी अभियान आगे बढ़ने के साथ सपा-बसपा की यह जुबानी जंग किन मुद्दों तक पहुंचती है।




