नई दिल्ली/Etv News 24/ब्यूरो रिपोर्ट
सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए संसद से पारित ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलते ही यह कानून देशभर में लागू हो गया है। नए कानून के तहत पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। दोषी पाए जाने पर 5 से 10 साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, पेपर लीक में शामिल संगठित गिरोह या सिंडिकेट पर और सख्ती की गई है। ऐसे मामलों में कम से कम 7 साल की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कानून बनने के बाद कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई पेपर लीक माफिया छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न कर सके।




