पांच दिन तक बंधक रखकर मजदूरी कराने और जबरन ब्लड निकलवाने का आरोप
मुख्य आरोपित पर 25 हजार का इनाम
फाइनेंस कंपनी के मैनेजर व रिकवरी एजेंट को पुलिस ने भेजा जेल
फरार शुभम सिंह की तलाश में दबिश
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज मोबाइल की किस्त न जमा कर पाने पर मजदूर को कथित तौर पर घर से ले जाकर पांच दिन तक बंधक बनाने, मारपीट करने और जबरन मजदूरी कराने के मामले में निगोहां पुलिस ने गुरुवार को दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में मोबाइल फाइनेंस कंपनी के मैनेजर सुशांत शर्मा निवासी राजाजीपुरम और रिकवरी एजेंट अनिकेत सिंह उर्फ काका निवासी उदयगंज शामिल हैं। मामले का मुख्य आरोपित फील्ड एजेंट शुभम सिंह अभी फरार है। डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
पुलिस के मुताबिक निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा गांव निवासी नेवल कुमार की मां जदुराई ने शिकायत में आरोप लगाया था कि आठ सितंबर को दो रिकवरी एजेंट उसे स्कूटी से अपने साथ ले गए। इसके बाद उसे लखनऊ के हुसैनगंज क्षेत्र स्थित एक मकान में कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और जबरन मजदूरी कराई गई।
परिजनों का आरोप है कि किश्त की रकम वसूलने के लिए नेवल को दुबग्गा स्थित समाधान चैरिटेबल ब्लड सेंटर ले जाया गया, जहां उसका एक यूनिट ब्लड निकलवाया गया।
इसके अलावा उसके बड़े भाई राजकुमार से 2799 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद आरोपितों ने नेवल को रैपिडो बाइक से निगोहां थाने भेज दिया। ऐसे आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस और सर्विलांस टीम को लगाया था। एसीपी आरके सिंह के निर्देशन और थाना प्रभारी रवींद्र कुमार कनौजिया के नेतृत्व में एसएसआई राजेश दीक्षित, उपनिरीक्षक ओम प्रकाश पांडेय समेत टीम ने पहले कंपनी मैनेजर सुशांत शर्मा को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद रिकवरी एजेंट अनिकेत सिंह उर्फ काका को भी दबोच लिया गया।
जांच में सामने आया कि संबंधित कंपनी बाइक, मोबाइल समेत अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों का वित्तपोषण करती है और बकाया किश्तों की वसूली के लिए फील्ड एजेंट नियुक्त किए जाते हैं। पुलिस के अनुसार नेवल के मोबाइल की करीब 30,500 रुपये की फाइनेंस राशि और बकाया किश्त की वसूली के लिए शुभम सिंह व अनिकेत सिंह को लगाया गया था। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने कई दिनों तक नेवल के घर की रेकी की और मौका मिलने पर उसे अपने साथ ले गए।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपित शुभम सिंह की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
डीसीपी की अपील—किश्त वसूली के नाम पर दबाव बनाने पर तत्काल पुलिस को दें सूचना
डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक ने आमजन से अपील की है कि किसी भी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी अथवा रिकवरी एजेंट द्वारा किश्त वसूली के नाम पर धमकी, मारपीट, जबरन साथ ले जाने, बंधक बनाने या अन्य किसी तरह का दबाव बनाए जाने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि बकाया किश्त की वसूली के लिए किसी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। शिकायत मिलने पर पुलिस जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करेगी।




