जिले में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध ओवररेटिंग और जबरन टैगिंग पर होगी कार्रवाई
दोषी विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी
समितियों के सचिवों की हड़ताल के बीच 48 अधिकृत बिक्री केंद्रों से खाद वितरण की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश / etv news 24 ब्यूरो / एजेंसी लखनऊ
उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ के जनपद सुलतानपुर के जिले में खाद की किल्लत को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानी और सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल के बीच जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने का दावा किया है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित दरों पर ही खाद खरीदें। इसके लिए आधार कार्ड और फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से अपनी जोत के अनुसार उर्वरक प्राप्त करें। डीएम ने स्पष्ट किया कि खाद की कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली और उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के अनुसार जिले के निजी और सहकारी बिक्री केंद्रों पर डीएपी, एनपीके, सिंगल सुपर फास्फेट और यूरिया उपलब्ध हैं। अब तक 25,075 किसानों को 2,546 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 1,688 मीट्रिक टन एनपीके और 45,638 मीट्रिक टन यूरिया भी किसानों को उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन का कहना है कि किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वितरण व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल से खाद वितरण प्रभावित न हो, इसके लिए पीसीएफ के बफर गोदाम से 48 अधिकृत इफको-कृभको बिक्री केंद्रों पर उर्वरक भेजे जा रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत 320 मीट्रिक टन इफको डीएपी, 185 मीट्रिक टन कृभको डीएपी और 191 मीट्रिक टन इफको एनपीके आवंटित की गई है। वहीं, निजी बिक्री केंद्रों पर 2,792 मीट्रिक टन डीएपी, 5,245 मीट्रिक टन एनपीके और 6,514 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।
जबरन अन्य उत्पाद थोपने पर होगी कार्रवाई
डीएम ने उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि यूरिया, डीएपी और एनपीके के साथ जिंक, सल्फर, कैल्शियम या अन्य उत्पाद खरीदने के लिए किसानों पर किसी तरह का दबाव न बनाया जाए। निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने या जबरन टैगिंग की शिकायत मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त करने की भी चेतावनी दी गई है।
पीओएस मशीन से बिक्री और कैश मेमो देना अनिवार्य
प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को पीओएस मशीन के माध्यम से निर्धारित दर पर खाद बेचने, किसानों को कैश मेमो देने और स्टॉक व रेट बोर्ड को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं। इससे खाद की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसानों से मनमानी वसूली पर रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, हड़ताल पर गए सहकारी समितियों के सचिवों के खिलाफ निलंबन, विभागीय और विधिक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। अब किसानों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन के इन दावों और सख्त निर्देशों के बीच उन्हें जरूरत के समय आसानी से खाद मिल पाती है या नहीं।




