सामाजिक और राजनीतिक जगत में अपूरणीय क्षति
मुलायम सिंह यादव को स्टूल पर खड़ा कर भाषण कराने वाले तीन साथियों में शामिल थे खेमई प्रसाद निषाद
इशौली विधानसभा से जदयू के प्रत्याशी भी रह चुके थे, कश्यप निषाद सभा के प्रदेश अध्यक्ष के निधन पर शोक
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/ ब्यूरो एजेंसी
उत्तर प्रदेश कश्यप निषाद सभा के प्रदेश अध्यक्ष, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात शिक्षक गुरुजी खेमई प्रसाद निषाद के आकस्मिक निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन को समाज, शिक्षा और राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। वह सुल्तानपुर की इशौली विधानसभा सीट से जदयू के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके थे।
खेमई प्रसाद निषाद का राजनीतिक जीवन संघर्ष, सामाजिक सरोकार और जनजागरण से जुड़ा रहा। उनके जीवन से जुड़ा एक प्रसंग समाजवादी आंदोलन के शुरुआती दौर की याद दिलाता है। बताया जाता है कि जब मुलायम सिंह यादव ने क्रांति मोर्चा गठित किया था, उस समय खेमई प्रसाद निषाद, सत्यनारायण रावत और राधेश्याम यादव तीन ऐसे साथी थे, जो मुलायम सिंह यादव को दीवानी और कचहरी परिसर में स्टूल पर खड़ा कराकर भाषण करवाते थे। यह प्रसंग उस दौर के राजनीतिक संघर्ष और जनसंपर्क की शैली को दर्शाता है।
गुरुजी के जाने से कभी न भरने वाली कमी
ओमप्रकाश उपाध्याय
खेमई प्रसाद निषाद के निधन पर जदयू उत्तर प्रदेश के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परम आदरणीय गुरुजी का असमय चले जाना सभी के लिए ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। समाज, शिक्षा और राजनीति के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
उनके जाने से जो रिक्तता पैदा हुई है, उसे भर पाना संभव नहीं है।
ओमप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि गुरुजी के दिखाए सामाजिक मार्ग पर चलना और उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनके विचार और समाज के प्रति समर्पण लोगों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
परिजनों और शुभचिंतकों को संबल देने की प्रार्थना
गुरुजी के निधन पर जदयू कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों और शुभचिंतकों ने शोक संवेदना व्यक्त की। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
शोक व्यक्त करने वालों ने कहा कि खेमई प्रसाद निषाद का सामाजिक योगदान और जनसेवा के प्रति समर्पण लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से समाज ने एक अनुभवी शिक्षक, संघर्षशील राजनीतिक कार्यकर्ता और मार्गदर्शक खो दिया है।




