भागलपुर के युवक के प्रेम में भारत पहुंची रूसी युवती, पुराना घर देखकर भी नहीं बदला फैसला
सरहद, भाषा और संस्कृति की दूरियां मिटाकर शादी के बंधन में बंधने को तैयार है विदेशी जोड़ा
भागलपुर बिहार/Etv News 24/संवाददाता वागीश
प्यार जब परवान चढ़ता है तो सरहदें भी छोटी पड़ जाती हैं। बिहार के भागलपुर के राहुल और रूस की युवती जुली की प्रेम कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। रूस में नौकरी के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे यह मुलाकात प्यार में बदल गई। राहुल जब भारत लौट आया तो जुली ने भी उससे मिलने का फैसला किया। वह अपने परिवार के साथ भारत पहुंच गई। अब दोनों नवंबर में शादी करने की तैयारी में हैं।
इस प्रेम कहानी का दिलचस्प पहलू तब सामने आया, जब जुली राहुल का पुराना घर देखने भागलपुर पहुंची
भारत और रूस की जीवनशैली, रहन-सहन तथा सांस्कृतिक परिवेश में अंतर होने के बावजूद जुली ने राहुल के साथ शादी करने का अपना फैसला नहीं बदला। उसके इस निर्णय ने प्रेम, आपसी समझ और रिश्तों में आर्थिक स्थिति की भूमिका को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
राहुल और जुली की कहानी जहां प्यार की सीमाओं से परे जाने की मिसाल बन रही है, वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि किसी रिश्ते में आर्थिक हैसियत कितनी मायने रखती है। अक्सर बेहतर जीवनशैली और आर्थिक सुरक्षा को रिश्तों की कसौटी माना जाता है, लेकिन जुली का फैसला बताता है कि किसी के साथ जीवन बिताने का निर्णय केवल उसके घर या आर्थिक स्थिति को देखकर ही नहीं लिया जाता। हालांकि, इस रिश्ते की असली मजबूती का पता दोनों के साझा जीवन और आपसी तालमेल से ही चलेगा।
नवंबर में होने वाली शादी के साथ राहुल और जुली दो अलग-अलग देशों, भाषाओं और संस्कृतियों को एक रिश्ते में जोड़ने जा रहे हैं। उनकी कहानी प्रेम की ताकत के साथ यह संदेश भी देती है कि सफल वैवाहिक जीवन के लिए आकर्षण के साथ विश्वास, सम्मान, समझ और एक-दूसरे की परिस्थितियों को स्वीकार करना भी जरूरी है।




