अजीमनगर थाने में सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज, ट्रस्ट व अन्य संस्थाएं भी जांच के दायरे में
रामपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रामपुर के अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मामले में आजम खां के साथ मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, एसएस एंड एस इंटरप्राइजेज, एसएस एसोसिएट्स और अन्य के नाम भी सामने आए हैं। आरोप सरकारी धन के कथित गबन और धोखाधड़ी से जुड़े हैं। ईडी की इस कार्रवाई के बाद जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से संबंधित वित्तीय लेनदेन की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
जेल में आठ घंटे हुई पूछताछ के बाद तेज हुई कार्रवाई
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में ईडी ने मंगलवार को रामपुर जिला कारागार पहुंचकर आजम खां से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी। जांच एजेंसी की टीम ट्रस्ट को मिले चंदे, धन के स्रोत, उसके इस्तेमाल और विश्वविद्यालय के निर्माण पर हुए खर्च से संबंधित बिंदुओं की पड़ताल कर रही है। अब अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने से मामले में एक नया कानूनी पहलू जुड़ गया है।
ईडी की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेनदेन में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई। जांच एजेंसी संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और धन के लेनदेन की कड़ियों को जोड़कर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। हालांकि, जांच के निष्कर्ष सामने आने और अदालत में आरोप साबित होने तक किसी भी आरोप को सिद्ध अपराध नहीं माना जा सकता।
ट्रस्ट की फंडिंग और विश्वविद्यालय पर खर्च की भी पड़ताल
मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और उसके अंतर्गत संचालित जौहर विश्वविद्यालय लंबे समय से विभिन्न कानूनी विवादों के कारण चर्चा में हैं। ईडी की जांच में ट्रस्ट को प्राप्त धनराशि, चंदे के स्रोत, संबंधित संस्थाओं के बीच हुए लेनदेन और विश्वविद्यालय के निर्माण में खर्च की गई रकम जैसे बिंदु महत्वपूर्ण हैं। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धन कहां से आया और उसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया।
मामले में सरकारी धन के कथित गबन और धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर पुलिस स्तर पर दर्ज प्राथमिकी भी जांच का आधार बनेगी। ईडी की कार्रवाई के बाद अब आगे की जांच में संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, मामले में जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों तथा साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।




