लालबाग चौकी से नाजा मार्केट तक सड़कों पर खड़े रहे वाहन, नो-पार्किंग और प्रतिबंधित मार्गों पर टेंपो की आवाजाही का आरोप
मंत्री-अफसरों के गुजरने वाले मार्ग पर ही यातायात प्रभावित, जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
लखनऊ। राजधानी के वीआईपी इलाके हजरतगंज में यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लालबाग चौकी से नाजा मार्केट और हजरतगंज चौराहे तक सड़क पर वाहनों की कतार लगने से लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों में शामिल इस इलाके में यातायात प्रभावित होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, सड़क किनारे कतारबद्ध तरीके से खड़े वाहनों के कारण यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। आरोप है कि इस दौरान हरे रंग के टेंपो भी इलाके में बेधड़क चलते नजर आए। ऐसे में नो-एंट्री और नो-पार्किंग नियमों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
वीआईपी इलाके में जाम, यातायात प्रबंधन पर सवाल
हजरतगंज और लालबाग का इलाका राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां दिनभर आम लोगों के साथ सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का भी आवागमन रहता है। इसके बावजूद सड़क पर वाहनों की कतार और जाम की स्थिति यातायात प्रबंधन की चुनौती को सामने लाती है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब शहर के इतने महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात सुचारु नहीं रह पा रहा है, तो दूसरे इलाकों की व्यवस्था का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
नो-पार्किंग और नो-एंट्री के पालन पर उठे सवाल
जाम के बीच सड़क पर खड़े वाहनों और टेंपो की आवाजाही को लेकर यातायात पुलिस की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रतिबंधित मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और नो-पार्किंग में खड़े वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई हो, तो जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि, संबंधित मार्ग पर नियमों के उल्लंघन और कार्रवाई की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
ट्रैफिक अधिकारियों से व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
हजरतगंज जैसे महत्वपूर्ण इलाके में यातायात बाधित होने के बाद ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की अपेक्षा है कि लालबाग चौकी, नाजा मार्केट और हजरतगंज चौराहे पर नियमित निगरानी बढ़ाई जाए। सड़क पर अवैध पार्किंग रोकने, प्रतिबंधित मार्गों पर नियमों का पालन कराने और जाम से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि आम नागरिकों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी न उठानी पड़े।




