मंत्री के कथित बयान ने पकड़ा तूल, वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग
‘कानून हाथ में लेने की छूट नहीं’—बहुजन अधिकार सेना ने राष्ट्रपति को भेजा पत्र
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के सुलतानपुर कार्यक्रम से जुड़ा कथित विवादित बयान अब सियासी और कानूनी बहस का मुद्दा बन गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में मंत्री के कथित तौर पर ‘हाथ काटने’ और जमानत कराने संबंधी बयान को लेकर बहुजन अधिकार सेना ने राष्ट्रपति से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। अन्य मीडिया रिपोर्टों में भी इसी कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित बयान का उल्लेख किया गया है।
बहुजन अधिकार सेना के राष्ट्रीय कमांडर विजय राणा चमार की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि चार अक्टूबर को सुलतानपुर के कूरेभार क्षेत्र में आयोजित राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा कि यदि कोई उनके ऊपर हाथ उठाए तो उसका हाथ तोड़कर-काटकर फेंक दिया जाए और जमानत करा दी जाएगी। संगठन ने वायरल वीडियो की प्रमाणिकता, संदर्भ और वास्तविकता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि यदि जांच में वीडियो और उसमें कही गई बातों की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्रचलित कानून के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक मंच से कानून को अपने हाथ में लेने के लिए प्रेरित करने वाला कोई भी कथित बयान गंभीर विषय है।
मामले ने ऐसे समय राजनीतिक रंग पकड़ा है, जब प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच दल और संगठन अपने-अपने सामाजिक आधार को लामबंद करने में जुटे हैं। सुलतानपुर की सभा में मंत्री ने निषाद समाज के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे भी उठाए थे तथा विपक्षी दलों पर निशाना साधा था।
बहुजन अधिकार सेना ने राष्ट्रपति से मांग की है कि मामले में किसी राजनीतिक पक्षपात के बिना जांच कराई जाए और वीडियो की सत्यता सामने आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन ने संविधान और कानून की सर्वोच्चता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की है।




