हर घर तक पहुंचकर पात्र लोगों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य: स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत
पटना बिहार/Etv News 24/प्रधान संपादक एस आलम
बिहार में गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases–NCD) की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित व्यापक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अभियान में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। 02 से 30 सितंबर 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 1,73,96,717 लोगों की NCD स्क्रीनिंग की गई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों में गैर-संचारी रोगों की प्रारंभिक पहचान के लिए स्क्रीनिंग गतिविधियों को लगातार गति दी जा रही है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मुँह, स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर, फैटी लीवर (NAFLD), हृदय संबंधी समस्याओं तथा साँस एवं फेफड़ों से संबंधित रोगों (COPD) की जांच की जा रही है। स्क्रीनिंग में बीमारी के संभावित लक्षण अथवा स्वास्थ्य संबंधी जोखिम सामने आने पर संबंधित व्यक्ति को आवश्यक परामर्श, उपचार एवं आगे की चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।
अभियान के दौरान उच्च रक्तचाप की जांच के लिए कुल 1,71,10,853 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 7,05,214 लोगों में उच्च रक्तचाप की पहचान हुई। इनमें से 5,84,697 लोगों को निःशुल्क औषधि उपलब्ध कराकर उपचार दिया जा रहा है, जबकि 1,20,517 लोगों को जीवनशैली में सुधार के लिए परामर्श दिया गया है। इसी प्रकार, मधुमेह की जांच के लिए कुल 1,67,95,236 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 6,01,319 लोगों में मधुमेह की पहचान हुई। इनमें से 4,94,713 लोगों को निःशुल्क औषधि उपलब्ध कराकर उपचार दिया जा रहा है तथा 1,06,606 लोगों को जीवनशैली में सुधार के लिए परामर्श दिया गया है।
साँस एवं फेफड़ों से संबंधित रोग COPD की जांच के लिए कुल 80,31,104 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 11,165 लोगों में COPD की पहचान हुई। इनमें से 7,561 लोगों को निःशुल्क औषधि उपलब्ध कराकर उपचार दिया जा रहा है, जबकि 3,604 लोगों को तंबाकू सेवन से बचने एवं योग के संबंध में परामर्श दिया गया है। वहीं, फैटी लीवर (NAFLD) की जांच के लिए कुल 78,75,415 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 10,935 लोगों में NAFLD की पहचान हुई। इनमें से 7,070 लोगों को निःशुल्क औषधि उपलब्ध कराकर उपचार दिया जा रहा है तथा 3,865 लोगों को खान-पान में सुधार के लिए परामर्श दिया गया है।
हृदय संबंधी समस्याओं की जांच के लिए कुल 1,14,373 लोगों की ECG जांच की गई। विभागीय आंकड़ों में इनमें से 89,044 की रिपोर्ट सामान्य, 24,334 की रिपोर्ट Non-STEMI (Abnormal) श्रेणी तथा 995 की रिपोर्ट STEMI श्रेणी में दर्ज की गई है। STEMI रिपोर्ट वाले मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया है। मुँह के कैंसर की जांच के लिए कुल 1,33,18,635 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 308 लोगों में मुँह के कैंसर की पहचान दर्ज की गई तथा 201 लोगों को निःशुल्क औषधि उपलब्ध कराई गई है।
महिलाओं में स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की प्रारंभिक पहचान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत स्तन कैंसर की जांच के लिए कुल 42,30,913 महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 53 महिलाओं में संदिग्ध लक्षण पाए गए। आगे की जांच एवं बायोप्सी के बाद 42 महिलाओं में स्तन कैंसर की पुष्टि हुई, जिन्हें उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी प्रकार, गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच के लिए कुल 30,51,110 महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 45 महिलाओं में संदिग्ध लक्षण पाए गए, जिन्हें आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं उपचार से जोड़ा गया है।
माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने अभियान की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “हमारा लक्ष्य राज्य के हर घर तक पहुंचकर पात्र लोगों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना है।” उन्होंने अधिकारियों तथा मैदानी स्तर पर कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, अभियान को इसी गति से जारी रखने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जांच से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी की पहचान होने से मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करने की संभावना बढ़ती है।
राज्य में नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से 02 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक ‘जांच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत घर-घर जाकर तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों सहित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अतिरिक्त, उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में ECG, CBC, LFT, KFT, लिपिड प्रोफाइल एवं TSH सहित विभिन्न जांचें भी बड़े पैमाने पर की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों से नियमित स्वास्थ्य जांच एवं NCD स्क्रीनिंग कराने की अपील की है।




