38 प्रतिभागी ले रहे प्रशिक्षण मेडिकल जेनेटिक्स से जुड़े विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
अमेरिका से भी शामिल होंगे अंतरराष्ट्रीय वक्ता जेनेटिक्स को क्लीनिकल प्रैक्टिस से जोड़ने पर जोर
मरीजों और परिवारों को मिलेगा बेहतर लाभ
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआईएमएस) में मेडिकल जेनेटिक्स एवं जेनेटिक काउंसलिंग से संबंधित 23वें आइसीएमआर पाठ्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में एसजीपीजीआईएमएस के डीन प्रो. मनोज जैन, जेडीएमएम प्रकाश सिंह, मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष डॉ. मंदाकिनी प्रधान तथा मेडिकल जेनेटिक्स विभागाध्यक्ष एवं कोर्स डायरेक्टर डॉ. कौशिक मंडल मौजूद रहे।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के सहयोग से आयोजित इस पाठ्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से 38 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मेडिकल जेनेटिक्स और जेनेटिक काउंसलिंग से जुड़े नवीनतम ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव तथा क्लीनिकल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
पाठ्यक्रम में भारत के 12 प्रतिष्ठित विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देंगे, जबकि अमेरिका से एक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे। शैक्षणिक सत्रों में मेडिकल जेनेटिक्स, जीनोमिक मेडिसिन, आनुवंशिक विकार, प्रयोगशाला आधारित निदान, प्रसवपूर्व आनुवंशिकी और जेनेटिक काउंसलिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
पाठ्यक्रम का नेतृत्व मेडिकल जेनेटिक्स विभाग के अध्यक्ष एवं कोर्स डायरेक्टर डॉ. कौशिक मंडल कर रहे हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कोर्स टीम के डॉ. दीप्ति सक्सेना, डॉ. अमिता, डॉ. अंशिका, डॉ. हसीना, डॉ. प्रज्ञा, डॉ. पूजा, डॉ. आदर्श, शशांक शेंडे, यूगल किशोर, सरोज गौतम, बृजेश पटेल, सुनील कुमार, आशीष पांडे, सुमना, पारुल, रघुबीर, आरएस यादव, ममता और अर्निका सहित विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों एवं कर्मचारियों का योगदान रहा।
आयोजकों के अनुसार, पाठ्यक्रम का उद्देश्य मेडिकल जेनेटिक्स और जेनेटिक काउंसलिंग के क्षेत्र में चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों के ज्ञान एवं कौशल को मजबूत करना और आनुवंशिकी को क्लीनिकल प्रैक्टिस से बेहतर तरीके से जोड़ना है। इससे आनुवंशिक रोगों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
एसजीपीजीआईएमएस के मेडिकल जेनेटिक्स विभाग ने पाठ्यक्रम के आयोजन में सहयोग के लिए आइसीएमआर के प्रति आभार व्यक्त किया। संस्थान के अनुसार, यह पहल आनुवंशिकी के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




