सुल्तानपुर में भ्रष्ट तंत्र के गठजोड़ का आरोप, जदयू ने शासन से मांगी उच्चस्तरीय जांच
दूध का दूध, पानी का पानी करेंगे’, जदयू ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
उत्तर प्रदेश सुल्तानपुर/ Etv News 24/ संवाददाता वागीश कुमार
सुलतानपुर के जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह के निलंबन के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश उपाध्याय ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे एकतरफा करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में वर्षों से जमे कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों का गठजोड़ व्यवस्था पर भारी पड़ रहा है। हालांकि, शासन की ओर से परियोजना निदेशक पर अधीनस्थों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार, अनुशासनहीनता, निर्देशों की अवहेलना और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही समेत आरोप लगाए गए हैं तथा विभागीय जांच के आदेश भी हुए हैं।
ओम प्रकाश उपाध्याय ने जारी बयान में कहा कि परियोजना निदेशक द्वारा कार्यालय में कुछ कर्मचारियों के कथित मनमाने रवैये का विरोध किए जाने के बाद विवाद बढ़ा। उनके मुताबिक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बजाय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने शासन से मांग की कि मामले के सभी पक्षों की जांच कराई जाए, ताकि किसी भी स्तर पर यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय हो सके।
जदयू नेता ने सवाल उठाया कि आखिर वे कौन कर्मचारी हैं जो वर्षों से एक ही विभाग और एक ही पटल पर जमे हुए हैं। उन्होंने ऐसे कर्मचारियों की तैनाती, सेवा अवधि और संपत्ति की जांच कराने की मांग की। उनका आरोप है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर जमे रहने वाले कर्मचारियों और उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सुलतानपुर को किसी की निजी जागीर बनने नहीं दिया जाएगा। प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई हो, लेकिन किसी को राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
ओमप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा कि संगठन जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सुलतानपुर में कथित रूप से वर्षों से जमे कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने शासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे
ओम प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) इस मामले को लेकर आम जनता और शासन के सामने वास्तविक स्थिति रखने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह को 17 सितंबर को शासन की ओर से तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। निलंबन के दौरान उन्हें ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय से संबद्ध किया गया है।




