सीडीओ कार्यालय की गोपनीयता पर सवाल
सेवानिवृत्ति के बाद भी संवेदनशील पटल पर जिम्मेदारी
डीएम से जांच की मांग विकास भवन में रिटायर्ड कर्मचारी की सक्रियता पर बवाल
सेवानिवृत्त कर्मचारी के स्टेनो पटल पर काम करने की शिकायत
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
जनपद सुल्तानपुर मे विकास भवन स्थित मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय में सेवानिवृत्त कर्मचारी के स्टेनो पटल पर कार्य करने की शिकायत ने प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ा दी है। अपना दल (एस) के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अविनाश पटेल ने जिलाधिकारी को आठ बिंदुओं पर शिकायती पत्र देकर जांच करने की मांग* मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि सेवानिवृत्त होने के बावजूद देवेंद्र पाण्डेय सीडीओ के स्टेनो पटल पर लगातार कार्य कर रहे हैं। शिकायत के बाद अब इस बात को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किस अनुमति और अधिकार के तहत उन्हें इस संवेदनशील पटल पर काम करने दिया जा रहा है।

आठ बिंदुओं पर जांच की मांग, फाइलों के संचालन से लेकर ई-ऑफिस रिकॉर्ड तक खंगालने की मांग डीएम को नौ सितंबर को दिए गए पत्र में अविनाश पटेल ने कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की तिथि से लेकर उसके बाद स्टेनो पटल पर कार्य करने की अवधि तक की जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि यदि उन्हें संविदा अथवा मानदेय के आधार पर रखा गया है तो इसकी अनुमति किस अधिकारी ने दी।शिकायतकर्ता ने सरकारी फाइलों के संचालन के अधिकार, फाइल मूवमेंट रजिस्टर, आदेश पुस्तिका और ई-ऑफिस रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा पटल पर रहते हुए किसी फाइल में हेराफेरी, पक्षपात या बिना अनुमति सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप की भी जांच की मांग की गई है। शिकायत में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।’संवेदनशील पटल पर सेवानिवृत्त कर्मचारी की मौजूदगी’ पर उठे सवालशिकायतकर्ता का कहना है कि सीडीओ का स्टेनो पटल प्रशासनिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां शासन से आने वाले गोपनीय पत्राचार, अधिकारियों के निर्देश और विकास कार्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण पत्रावलियों का कामकाज होता है। ऐसे में सेवानिवृत्त कर्मचारी की वहां मौजूदगी को लेकर प्रशासनिक गोपनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।शिकायत में कुछ स्वयंभू लोगों के संरक्षण में कर्मचारी के विभागीय कार्यों में सक्रिय रहने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल डीएम को शिकायत दिए जाने के बाद विकास भवन में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब निगाहें प्रशासन की प्रस्तावित जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हैं।




