सासाराम रोहतास/Etv News 24
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार रोहतास जिले के सभी प्रखंडों की चयनित 66 पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। दावथ प्रखंड के जमसोना पंचायत सरकार भवन में आयोजित शिविर में जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्र एवं पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने भाग लेकर आमजन से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
शिविर के दौरान पात्र लाभुकों के बीच राशन कार्ड, विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र तथा शौचालय निर्माण प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया। इस अवसर पर जल। जिला पदाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों का उद्देश्य प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाना है। लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि प्रशासन स्वयं पंचायत स्तर पर पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि जमसोना पंचायत में शिविर आयोजन से पूर्व विशेष अभियान चलाकर शिक्षा, जन्म प्रमाण-पत्र, नल-जल योजना, राशन कार्ड, श्रम कार्ड, भूमि परिमार्जन, भूमि मापी सहित विभिन्न विषयों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए थे, जिनका प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया गया। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना तथा नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखें, ताकि उनका समयबद्ध समाधान किया जा सके।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि नए राशन कार्ड निर्माण एवं पुराने राशन कार्डों में संशोधन से संबंधित विशेष अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है। लक्ष्य है कि हर पात्र एवं वंचित परिवार को समयबद्ध तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि पात्र लाभुक का राशन कार्ड अभी तक नहीं बना है या उसमें किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र आवेदन करें और इस विशेष अभियान का लाभ उठाएं। साथ ही उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए भी ग्रामीणों को प्रेरित किया।शिविर के दौरान पुलिस अधीक्षक, रोहतास ने उपस्थित ग्रामीणों को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा एवं मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर जागरूक किया।
उन्होंने लोगों से सतर्क एवं सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि डिजिटल युग में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक एवं सामाजिक क्षति का कारण बन सकती है।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मोबाइल फोन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि का उपयोग सोच-समझकर करें। सोशल मीडिया के दुरुपयोग के कारण कई लोग गलत कदम उठा लेते हैं, जिसके परिणाम अत्यंत गंभीर होते हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को अपना निशाना बनाते हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, ऐप या फाइल को डाउनलोड न करें तथा किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। महिला सुरक्षा एवं मानव तस्करी पर चर्चा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं को किसी भी प्रकार के प्रलोभन या संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार जैसे अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए समाज से भी ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला या युवती स्वयं को असुरक्षित महसूस करती है अथवा रास्ते में किसी प्रकार की छेड़छाड़ या उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, तो बिना किसी डर के उसका विरोध करें और तत्काल आपातकालीन सेवा 112 पर कॉल करें। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम शीघ्र संबंधित स्थान पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी।जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष रंजन ने बताया कि जिले में आयोजित सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक कुल 10,710 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 9,604 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि शेष लंबित आवेदनों पर संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई की जा रही है।सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




