मुख्यमंत्री ने हाजीपुर और सोनपुर के बाढ़ राहत शिविरों में कम्युनिटी किचन, भोजन वितरण काउंटर, निबंधन सह नियंत्रण कक्ष तथा महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग रहने की व्यवस्था का निरीक्षण किया और लोगों से सीधे बातचीत की।

आंगनबाड़ी एवं शैक्षणिक शिविरों का निरीक्षण कर बच्चों से पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और खान-पान के बारे में जानकारी ली।स्वास्थ्य शिविर में त्वरित इलाज सुनिश्चित करने तथा पशु चिकित्सा शिविर में पर्याप्त दवा और पशु चारा उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।बाढ़ में डूबने से हुई मृत्यु के मामलों में मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई।फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा दिया जायेगा।

पटना बिहार/Etv News 24/ प्रधान संपादक एस आलम
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज वैशाली एवं सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हाजीपुर और सोनपुर में संचालित बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से आत्मीयता के साथ बातचीत की और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।वैशाली जिले में गंगा ब्रिज थाना के सामने संचालित बाढ़ राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने कम्युनिटी किचन का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन वितरण काउंटर और निबंधन सह नियंत्रण कक्ष में व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्वयं लोगों को भोजन परोसा। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता देखी और शिविर में रह रहे लोगों से पूछा कि उन्हें भोजन एवं अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है। लोगों ने बताया कि शिविर में अच्छी व्यवस्था है और उन्हें पर्याप्त भोजन मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत की। उन्होंने शैक्षणिक शिविर में भी बच्चों से उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और खान-पान के बारे में जानकारी ली। शिविर में महिलाओं और पुरुषों के लिए की गईअलग-अलग रहने की व्यवस्था का भी उन्होंने जायजा लिया और दोनों शिविरों में जाकर लोगों से सीधे संवाद किया।

स्वास्थ्य शिविर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से उपलब्ध जांच और इलाज की सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि बीमार होने की स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और किसी भी व्यक्ति को इलाज के लिए परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सा शिविर की भी जानकारी ली और अधिकारियों को पशुओं के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन को पशु चारा की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बाढ़ के कारण पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मृत्यु के मामलों में मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की।इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने सारण जिले के सोनपुर शहर स्थित स्काउट एंड गाइड सेंटर में संचालित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां कम्युनिटी किचन की व्यवस्था देखी और शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर भोजन एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों के साथ भोजन किया और भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। लोगों ने शिविर में की गई व्यवस्थाओं के लिये मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुये कहा कि यहां खाने-पीने से लेकर रहने सहने तक की बहुत अच्छी व्यवस्था की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का आकलन कराया जाएगा और प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा दिया जाएगा।
साथ ही, गंगा में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी सरकार काम कर रही है।हाजीपुर एवं सोनपुर में राहत शिविरों के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फरक्का बराज से अभी लगभग 15 लाख क्यूसेक पानी का लगातार डिस्चार्ज हो रहा है। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और राहत मिलने की संभावना है। पदाधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आपदा से लोगों को निजात दिलाने के लिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। वर्तमान में आपदा की स्थिति है और ऐसी घड़ी में सरकार पूरी तरह लोगों के साथ खड़ी है। बाढ़ प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, इलाज, पढ़ाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन द्वारा हर स्तर पर स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है। स्थिति सामान्य होने के बाद एक-एक हाउस होल्ड की जांच कर नुकसान का आकलन किया जाएगा तथा प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत प्रदान की जाएगी। गंगा नदी के स्ट्रेच को एक सीमा में बांधने के संबंध में केंद्रीय जल आयोग से भी बातचीत की गई है, ताकि प्रत्येक वर्ष बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्या से लोगों को स्थायी रूप से निजात दिलाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, विधायक श्री जनक सिंह, विधायक श्री संजय सिंह, विधायक श्री सिद्धार्थ पटेल, जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार, वैशाली जिला की जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह, सारण जिला के जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव, सारण जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री रौशन कुमार, वैशाली जिला के पुलिस अधीक्षक श्री सुभांक मिश्रा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।




