पटना / बिहटा/बिहार/Etv News 24
राजधानी पटना से सटे बिहटा थाना क्षेत्र में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी और दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को कभी डिप्टी कलेक्टर तो कभी एसडीएम और बड़ा प्रशासनिक अधिकारी बताने वाले एक जालसाज ने पटना के अनिशाबाद स्थित एल्युमिनियम दुकानदार को 15 लाख रुपये का चूना लगा दिया। इतना ही नहीं, बकाये पैसे मांगने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी गई, उसके साथ मारपीट की गई और साजिश के तहत उसका बैंक अकाउंट भी फ्रीज करवा दिया गया।मंदिर निर्माण के नाम पर 15 लाख का काम, ऐसे बिछाया जालसाजी का जालजानकारी के अनुसार, पटना के अनिशाबाद में लखेन्द्र राय की एल्युमिनियम की दुकान है।
बिहटा निवासी इंद्रजीत कुमार ने खुद को बड़ा प्रशासनिक अधिकारी (डिप्टी कलेक्टर/SDM) बताकर लखेन्द्र राय को अपने झांसे में लिया। उसने अपने बिहटा स्थित घर पर मंदिर निर्माण के लिए करीब 15 लाख रुपये का एल्युमिनियम का काम करवाया।शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए इंद्रजीत ने ऑनलाइन (PhonePe) के जरिए लखेन्द्र राय के खाते में 4 लाख 85 हजार रुपये भेजे। लेकिन इसके तुरंत बाद झांसा देकर उसमें से 2 लाख रुपये नगद वापस ले लिए।बकाया मांगने पर गुंडागर्दी, रंगदारी और साइबर अपराध का झूठा केसपूरा काम संपन्न होने के बाद जब लखेन्द्र राय ने अपने बकाये रुपयों की मांग की, तो तथाकथित डिप्टी कलेक्टर का असली चेहरा सामने आ गया।
इंद्रजीत कुमार अपने फर्जी पद और पावर की धौंस दिखाने लगा। लखेन्द्र राय को उनके मोबाइल पर लगातार धमकी भरे मैसेज भेजे गए। आरोपी अपने गुर्गों के साथ दुकान पर पहुंचकर पीड़ित के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने लगा। मामला यहीं नहीं रुका, आरोपी इंद्रजीत ने उल्टा लखेन्द्र राय से ही 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और न देने पर बर्बाद करने की धमकी दी। पीड़ित को पूरी तरह से लाचार करने के लिए आरोपी ने एक साजिश रची और लखेन्द्र राय के खिलाफ साइबर फ्रॉड का फर्जी मामला दर्ज करवा दिया, जिससे पीड़ित का बैंक खाता फ्रीज हो गया।पुलिस हिरासत के बाद थाने से छूटने पर उठे गंभीर सवालदर-दर की ठोकरें खाने के बाद डरे-सहमे पीड़ित लखेन्द्र राय ने बिहटा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने कांड संख्या 870/26 दर्ज किया। इसके बाद पटना साइबर थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त इंद्रजीत कुमार को हिरासत में लेकर बिहटा पुलिस के हवाले कर दिया।हालांकि, आरोप है कि बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार ने प्रभाव और सांठ-गांठ के चलते आरोपी को थाने से ही छोड़ दिया। अब यह शातिर जालसाज खुलेआम घूम रहा है और अन्य लोगों को अपना शिकार बनाने की फिराक में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी फर्जी अधिकारी बनकर करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित कर चुका है।DGP और SSP से न्याय की गुहारपीड़ित लखेन्द्र राय ने बिहार के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक (DGP) और पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि ऐसे ढोंगी और आपराधिक किस्म के फर्जी अधिकारियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए, ताकि बिहार का गरीब और मेहनतकश व्यापारी भयमुक्त होकर शांतिपूर्वक अपना कारोबार कर सके।




